भारत की अग्नि से डरा चीन, पाक को मिसाइल बनाने में करेगा मदद

भाषा

Updated: March 18, 2017, 8:27 AM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

चीन अपने दोस्त पाकिस्तान के साथ बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान सहित रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सहयोग की योजना बना रहा है. ऐसा लगता है कि चीन यह कदम भारत की ओर से अग्नि-5 मिसाइल विकसित करने के जवाब के तौर पर उठाने जा रहा है. अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर है जिसके दायरे में समूचा चीन आता है.

पाकिस्तान के साथ बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों के निर्माण की योजना संबंधी मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देने से इंकार करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग दक्षिण एशिया में ‘सामरिक संतुलन’ का पैरोकार है.

भारत की अग्नि से डरा चीन, पाक को मिसाइल बनाने में करेगा मदद
चीन अपने दोस्त पाकिस्तान के साथ बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान सहित रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सहयोग की योजना बना रहा है.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख के चीन दौरे को लेकर पाकिस्तानी सेना ने उनके और उनके चीनी समकक्ष के बीच हुई बैठकों के बारे में सूचना जारी की थी. सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में पाकिस्तान के साथ अपना रक्षा सहयोग बढ़ाने की चीन की योजना के बारे में छपे समाचारों के बारे में पूछे जाने पर चुनयिंग ने कहा कि इस समाचार विज्ञप्ति में हमें बैलेस्टिक मिसाइलों से संबंधित समझौते के बारे में कुछ नहीं मिला.

उन्होंने कहा कि मैं आपको इतना बता सकती हूं कि चीन और पाकिस्तान सामान्य रक्षा आदान-प्रदान और वाजिब सहयोग रखते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या 1998 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान के साथ मिसाइलों को लेकर बीजिंग निकटता से काम करने को तैयार है तो हुआ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का अनुपालन करें. 1998 के इस प्रस्ताव में भारत और पाकिस्तान से बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण रोकने का आह्वान किया गया था.

First published: March 18, 2017
facebook Twitter google skype whatsapp