दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश जाने की अनुमति देने से तिलमिलाया चीन

भाषा

Updated: March 3, 2017, 8:42 PM IST
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चीन ने शुक्रवार को दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की अनुमति देने पर चेताया और कहा कि यह द्विपक्षीय संबंधों और विवादित सीमा क्षेत्र में शांति को नुकसान पहुंचाएगा.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि चीन इस जानकारी से बहुत चिंतित है कि भारत ने दलाई को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की अनुमति दी है. चीन का दावा है कि अरुणाचल तिब्बत का एक हिस्सा है और वह किसी शीर्ष नेता, अधिकारी और राजनयिक (डिप्लोमैट) की इस क्षेत्र की यात्रा पर हमेशा से आपत्ति जताता है.

दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश जाने की अनुमति देने से तिलमिलाया चीन
दलाई लामा फोटो: गेटी इमेजेस

चीन ने पिछले साल अक्टूबर में भी इसी तरह की चिंताएं जताई थीं जब भारत ने राज्य सरकार के न्यौते पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरू को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की अनुमति दी थी. यह यात्रा इसी साल होने की संभावना है.

गेंग ने कहा कि चीन विवादित क्षेत्रों पर दलाई लामा की यात्रा का मजबूती से विरोध करता है. उन्होंने कहा कि चीन भारत सीमा विवाद के पूर्वी क्षेत्र पर चीन की स्थिति निरंतर और साफ है. दलाई गिरोह लंबे समय से चीन विरोधी अलगाववादी क्रियाकलापों में लिप्त है और सीमा से जुड़े सवाल पर इसका रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं है.

गेंग ने कहा कि चीन ने औपचारिक तरीकों से भारत के सामने अपनी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि भारत दलाई लामा मुद्दे की गंभीरता और चीन भारत सीमा प्रश्न की संवेदनशीलता से पूरी तरह से जागरुक है.

उन्होंने कहा कि ऐसी पृष्ठभूमि में अगर भारत दलाई को संबंधित क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित करता है तो यह सीमा क्षेत्र और चीन भारत संबंधों की शांति और स्थिरता को गंभीर क्षति पहुंचाएगा.

गेंग ने कहा कि हमने भारतीय पक्ष को अपनी चिंता के बारे में बताया है. भारत से अपनी राजनीतिक कमिटमेंट्स पर कायम रहने और सीमा से जुड़े सवाल पर दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण आम सहमति का पालन करने, मुद्दे को जटिल बना सकने वाले कदमों से दूर रहने, दलाई गिरोह को मंच उपलब्ध नहीं कराने और भारत चीन संबंधों के बेहतर और स्थिर विकास के संरक्षण के लिए अनुरोध किया.

गेंग ने ये टिप्पणियां ऐसे समय की जब सीमा विवाद पर चीन के पूर्व विशेष प्रतिनिधि दाई बिंगुओ ने चीन मीडिया को इंटरव्यू में कहा था कि अगर भारत अरुणाचल प्रदेश के तवांग से अपना दावा छोड़ता है तो दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझ सकता है. दाई की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर गेंग ने कहा कि उन्होंने इंटरव्यू नहीं देखा है.

First published: March 3, 2017
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