चीन : अब दूसरा बच्‍चा पैदा करने पर सरकार देगी पैसा

आईएएनएस
Updated: February 28, 2017, 5:32 PM IST
चीन :  अब दूसरा बच्‍चा पैदा करने पर सरकार देगी पैसा
दुनिया की सबसे ज्‍यादा आबादी वाला देश चीन अब जनसंख्‍या बढ़ाने की पॉलिसी पर प्‍लान कर रहा है. सरकार अब नागरिकों को दूसरा बच्‍चा पैदा करने के लिए प्रोत्‍साहित करने का प्‍लान बना रही है.
आईएएनएस
Updated: February 28, 2017, 5:32 PM IST
दुनिया की सबसे ज्‍यादा आबादी वाला देश चीन अब जनसंख्‍या बढ़ाने की पॉलिसी पर प्‍लान कर रहा है. सरकार अब नागरिकों को दूसरा बच्‍चा पैदा करने के लिए प्रोत्‍साहित करने जा रही है और इसके लिए पैसे देने की योजना भी है.

एक सर्वे के मुताबिक चीन में लोगों की माली हालत खराब होने कारण वे फैमिली नहीं बढ़ा रहे हैं. तियानजिन की नानकाई युनिवर्सिटी के लैक्‍चरार युआन शिन के कहते हैं- यह पहली बार है जब सबसे बड़ी आबादी वाला देश, बर्थ रेट को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कदम पर विचार कर रहा है.

सरकार चिंता में, उठाएगी कदम
'चाइना डेली' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल हेल्थ एंड फैमिली प्लानिंग कमीशन के वाइस प्रेसिडेंट वांग पेइयान ने एक सोशल वेलफेयर कांफ्रेंस में फैमिली को दूसरे बच्‍चे के लिए पैसे देने की बात कही है.

ये था पुराना कानून
बीते साल चीन में लॉ मेकर्स ने देश की चालीस साल पुरानी फैमिली पॉलिसी पर रोक लगाई थी, हालांकि इसमें फैमिली बढ़ाने पर जोर नहीं दिया गया, लेकिन इस बात की परमिशन दी गई कि अब सभी चीनी जोड़े दूसरे बच्चे को जन्म दे सकते हैं.

ये है जनसंख्‍या का गणित
पॉलिसी को लेकर नैशनल लैवल पर हुए इस बदलाव के बाद चीन में आबादी बढ़ी है. देश में 2016 में 1.78 करोड़ बच्चों ने जन्म लिया, जो पिछले साल की तुलना में 13 लाख अधिक था. खास बात यह है कि यह पिछले 20 सालों में सबसे ज्‍यादा सालाना बढ़ोतरी थी.  वांग ने कहा, "यह हमारी उम्मीदों के मुताबिक था, लेकिन रुकावटें जारी हैं, जिनका हल निकाला जाएगा.

आर्थिक हालात बनें रोड़ा
चीन में हर दंपती को दूसरा बच्चा पैदा करने का हक है, लेकिन माली हालत खराब होने से परिवार ऐसा नहीं कर  पा रहे." 2015 में हुए एक सर्वे में 60 फीसद परिवारों ने फाइनेंशियली वीक होने के कारण अपनी फैमिली बढ़ाने असमर्थता जताई थी. वांग ने कहा कि सरकार लोगों को दूसरे बच्चे को जन्म देने के लिए एप्रिशिएट करेगी इसके लिए 'जन्म पुरस्कार और डोनेशन जैसे कई उपाय शुरू करने पर विचार कर रही है
First published: February 28, 2017
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