चीन फिर बढ़ाएगा डिफेंस बजट, करेगा सात फीसदी की बढ़ोतरी

भाषा

Updated: March 4, 2017, 12:53 PM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

दक्षिण एशिया में हथियारों की मची होड़ के बीच अब चीन एक बार फिर से अपना डिफेंस सात फीसदी बजट बढ़ाने जा रहा है. चीनी पार्लियामेंट में द नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की प्रवक्ता फू यिंग ने डिफेंस एक्सपेंडीचर को बढ़ाने की घोषणा की. रक्षा बजट बढ़ोतरी की वजह चीन के अंदरूनी मामलों में बाहरी दखल को माना जा रहा है. बता दें कि पिछले साल भी चीन ने अपना डिफेंस 7.6 फीसदी बढ़ाया था.

रक्षा बजट बढ़ाने की वजह साफ नहीं

चीन फिर बढ़ाएगा डिफेंस बजट, करेगा सात फीसदी की बढ़ोतरी
चीन एक बार फिर से अपना डिफेंस बजट बढ़ाने जा रहा है. ये बढ़ोतरी सात फीसदी की होगी. पिछले साल भी चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाया था.

फू यिंग ने कहा कि चीन का डिफेंस खर्च देश के जीडीपी 1.3 फीसदी होगा. फू ने कहा,‘‘ हम विवादों पर बातचीत और सलाह मशवरे के जरिए शांतिपूर्ण समझौते की मांग करते हैं. हमें अपनी संप्रभुता, हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्थ बनने की जरूरत है.  प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ विशेषरूप से हमें विवादों में बाहरी दखल से बचने की जरूरत है.  फू ने बाहरी दखल के अर्थ को साफ नहीं किया और ना ही विवाद को. हालांकि साउथ और ईस्टर्न चाइन सी में चीन के दावों से इस रिजन में काफी चिंता का माहौल है.

पिछले साल भी बढ़ाया था

पिछले साल भी चीन ने रक्षा खर्च 7.6 प्रतिशत बढ़ाया था. चीन के डिफेंस बजट में बढ़ोतरी की घोषणा अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के सैन्य खर्च 10 फीसदी बढ़ाने के बाद आया है. चीन के डिफेंस बजट का ज्यामदातर हिस्सास नेवी के डेवलपमेंट में खर्च किए जाने की संभावना है.

नौ सेना को मजबूत करेगा चीन

चीन के आर्मी मामलों के एक्सकपर्ट चू यिन ने लास्ट  वीक ग्लोबल टाइम्स में एक लिखे एक आर्टिकल कहा था कि देश के आर्मी एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी, एक तरह पर नेवी के लिए खर्च में बढ़ोतरी है, और इसका मकसद विदेशों में देशी हितों की रक्षा करना है.

लेख में एक्सपर्ट ने अपनी बात को और क्लीयर करते हुए कहा,‘‘ नेवी के स्ट्रांग नहीं होने पर चीन के विदेशों में बसे अपने लाखों लोगों की और बड़ी मात्रा में फॉरेन इन्वेस्टेमेंट को सिक्‍योर कर पाएगा.’ रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016 में चीन का फॉरेन इन्वेस्टमेंट 221 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, इसलिए चीन को दुनिया भर के व्यापार मार्गों की रक्षा करना जरूरी होगा.

First published: March 4, 2017
facebook Twitter google skype whatsapp