परमाणु ताकत पर डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने उड़ाई चीन की नींद


Updated: December 23, 2016, 9:47 PM IST
परमाणु ताकत पर डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने उड़ाई चीन की नींद
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने चीन की नींद उड़ी दी है। चीन ने आज कहा कि वह अमेरिका की परमाणु क्षमता को काफी मजबूत करने के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आह्वान को लेकर चिंतित है। इसकी जगह अमेरिका को निरस्त्रीकरण में मदद करने के लिए परमाणु आयुध में कमी करने का नेतृत्व करना चाहिए।

Updated: December 23, 2016, 9:47 PM IST
बीजिंगअमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने चीन की नींद उड़ी दी है। चीन ने आज कहा कि वह अमेरिका की परमाणु क्षमता को काफी मजबूत करने के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आह्वान को लेकर चिंतित है। इसकी जगह अमेरिका को निरस्त्रीकरण में मदद करने के लिए परमाणु आयुध में कमी करने का नेतृत्व करना चाहिए।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम चिंतित हैं। मैं निरस्त्रीकरण को लेकर चीन के रुख पर दोबारा जोर देती हूं। हम परमाणु हथियारों के पूर्ण निषेध एवं विनाश का समर्थन करते हैं। सबसे ज्यादा परमाणु आयुध वाले देश को परमाणु निरस्त्रीकरण में खास एवं पहली जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हुआ चुनयिंग ट्रम्प द्वारा कल किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया दे रही थीं जिसमें निर्वाचित राष्ट्रपति ने अपनी बात पूरी तरह साफ किए बिना कहा था कि जब तक परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया को सद्बुद्धि नहीं आ जाती, तब तक अमेरिका को अपनी परमाणु क्षमताओं को काफी मजबूती और विस्तार देना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रम्प की टिप्पणी से अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है, प्रवक्ता ने कहा कि सबसे ज्यादा परमाणु आयुध वाले देश को परमाणु निरस्त्रीकरण में खास जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसके अनुकूल दशाएं तैयार करने की खातिर परमाणु आयुध में नाटकीय रूप से कमी लाने का नेतृत्व करना चाहिए। 7,000 से अधिक परमाणु हथियारों के साथ अमेरिका के पास परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा है। उसके बाद क्रमश: रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन आते हैं।
First published: December 23, 2016
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