चीनी मीडि‍या ने पीओके की तुलना ताइवान से की

भाषा

Updated: March 7, 2017, 12:36 PM IST
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चीनी मीडिया ने पाक ऑक्युपाइड कश्मीर की तुलना ताइवान से की है. चीन की सरकारी मीडिया ने यह बयान चाइना-पाक इकॉनॉमिक कॉरीडोर प्रोजेक्ट पर भारत के समर्थन की अपेक्षा रखते हुए दिया. चीन ने भारत से अपेक्षा की है वह अरबों डॉलर की इस योजना को लेकर प्रैक्टिकल और फ्लैक्सिबल रुख अपनाए.

न्‍यूज पेपर में लेख के जरिये की तुलना

चीनी मीडि‍या ने पीओके की तुलना ताइवान से की
चीनी मीडिया ने पाक ऑक्युपाइड कश्मीर की तुलना ताइवान से की है. चीन की सरकारी मीडिया ने यह बयान चाइना-पाक इकॉनॉमिक कॉरीडोर प्रोजेक्ट पर भारत के समर्थन..!

चीनी सरकारी न्यूज पेपर ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक आर्टिकल में कहा, ‘‘चाइना-पाक इकॉनॉमिक कॉरीडोर प्रोजेक्ट से कश्मीर विवाद पर असर नहीं होगा, क्योंकि चीन मानता है कि कश्मीर मुद्दे का हल इंडिया और पाकिस्तान के बीच होना चाहिए।’ लेख में कहा गया कि  चीन ‘‘ताइवान और भारत के साथ ही दूसरे देशों के बीच के संबंधों पर चीन आपत्ति नहीं करता, क्योंकि इकॉनॉमिक एक्टिविटीज से चीन की संप्रभुता प्रभावित नहीं होगी.’’ न्यूज पेपर ने कहा, ‘‘ऐसे में, भारत को लचीला और व्यावहारिक होना चाहिए और कश्मीर में चीनी कंपनियों की गतिविधियों पर अधिक सहज होना चाहिए.’’

क्‍या है चीन-पाक आर्थिक गलियारा,

46 बिलियन डॉलर की भारी भरकम लागत वाली यह परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. इसका उद्देश्य पाकिस्तानी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना और उसे अपग्रेड करना है. इसके साथ ही पाकिस्तान और चीन के बीच इकनॉमिक लिंक को भी गहरा और बड़ा करना इसका मकसद है. यह प्रोजेक्ट दक्षिण पश्चिम में पाकिस्तान के ग्वादर शहर को चीन के उत्तर पश्चिम के शिनजियांग प्रांत से एक हाईवे और रेलवे के वृहत नेटवर्क से जोड़ेगा. अहम बात यह है कि चीन द्वारा बनाया जा रहा ये कॉरिडोर बलूचिस्तान प्रांत से होकर गुजरेगा, जहां दशकों से लगातार अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं. इसके साथ-साथ गिलगिट-बल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का इलाका भी शामिल है.

क्‍यों है भारत को आपत्‍ति?

इस प्रोजेक्ट के लिए पाक अधिकृत कश्मीर में चीनी सेना की मौजूदगी भी भारत के लिए एक बड़ी चिंता है. खास बात यह है केि भारत सरकार के वर्तमान रुख से डरे पाकिस्तान ने अपने सरपरस्त चीन के नागरिकों की सुरक्षा में एक स्पेशल फोर्स बटालियन, 9 सैन्य बटालियन और 8 आर्म्ड सिविल डिफेंस कंपनियां तैनात कर दी हैं. भारत की चिंता ग्वादर पोर्ट को लेकर भी है. इस पोर्ट के जरिए चीन भारत को घेरने की रणनीति पर निश्चित ही आगे बढ़ेगा. साथ ही, पाकिस्तान को चीन से जोड़ने वाली सीमा पर नए रास्तों का निर्माण होगा, जो भारत से लगा हुआ है. चीन की आवाजाही यहां और बढ़ जाएगी.

First published: March 7, 2017
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