अमेरिकी कांग्रेस में डोनाल्ड ट्रंप का पहला भाषण, ये हैं चार अहम बातें

News18India

Updated: March 1, 2017, 7:23 PM IST
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राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार यूएस कांग्रेस को संबोधित किया. इस दौरान ट्रंप ने अमेरिका के कंसास में भारतीय इंजीनियर के मारे जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. अमेरिकी संसद ने इसे लेकर एक मिनट का मौन भी रखा. इमिग्रेशन के मुद्दे के लेकर ट्रंप ने अपना सख़्त रुख़ कायम रखा है. साथ ही अमेरिका और अमेरिकियों की सुरक्षा को भी सबसे ऊपर रखा है. ट्रंप ने दो टूक कहा कि वे दुनिया के नहीं बल्कि अमेरिका का राष्ट्रपति हैं, लिहाज़ा अमेरिका का हित उनके लिये सबसे पहले है. पेश है डोनाल्ड ट्रंप के भाषण की चार अहम बातें-

अमेरिका फ़र्स्ट-

अमेरिकी कांग्रेस में डोनाल्ड ट्रंप का पहला भाषण, ये हैं चार अहम बातें
राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार यूएस कांग्रेस को संबोधित किया. ट्रंप के भाषण की पांच अहम बातें पढ़ें.

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ किया है कि इमिग्रेशन को लेकर सख़्ती जारी रहेगी. नौकरियों में अमेरिकीयों को प्राथमिकता और अमेरिका में बनी चीजों के इस्तेमाल और खरीद को बढ़ावा देना उनकी नीति का हिस्सा है. ‘बाय अमेरिकन हायर अमेरिकन’ की नीति पर चलकर ही अमेरिका एक बार फिर महान बन सकेगा. देश के मरते और बीमार उद्योगों को फिर से ज़िंदा किया जायेगा ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें. हिंसक घटनाओं में कमी लाने के लिये टास्क फोर्स बनाई जायेगी. देश में ड्रग्ज़ के कारोबार को खत्म करने के लिये ड्रग्ज़ लाये जाने वाले रास्तों को बंद किया जायेगा.

आतंकवाद-

ट्रंप ने देश और दुनिया से आतंकवाद के सफाए पर कहा कि वे अपनी दुनिया से आईएस के सफाये के लिये मुस्लिम देशों में अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे. आईएस से निपटने के लिये अमेरिका के रक्षा मंत्रालय को भी कारगर प्लान बनाने के निर्देश दिये हैं.

सुरक्षा-

देश की सुरक्षा को बेहद अहम् बताते हुए ट्रंप ने कहा कि देश की दक्षिणी सीमा पर जल्द ही दीवार बनाने का काम शुरु होगा. ये दीवार सुरक्षा और फ़र्जी इमीग्रेशन रोकने के लिये कारगर साबित होगी. देश की सुरक्षा के लिये बजट 10 फ़ीसदी तक बढ़ाया जायेगा.

नफ़रत की निंदा-

ट्रंप ने साफ किया कि वे हर तरह की नफ़रत की निंदा करते हैं. कंसास में भारतीय इंजीनियर की हत्या की घटना पर दुख जताते हुए संसद में एक मिनट का मौन भी रखा गया. ट्रंप ने यहूदी सामुदायिक केन्द्रों को निशाना बनाने वाली धमकियों की भी कड़ी निंदा की.

First published: March 1, 2017
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