मुस्लिम मुल्कों पर ट्रंप की पाबंदी: गूगल ने कर्मचारियों को यूएस बुलाया, जुकरबर्ग भी भड़के

भाषा

Updated: January 29, 2017, 10:55 AM IST
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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद आव्रजन आदेश की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे प्रतिभाओं को अमेरिका लाने में ‘बाधा’ खड़ी होगी. इसके साथ ही कंपनी ने कामकाजी यात्रा कर रहे अपने कर्मचारियों से अमेरिका लौटने को कहा है.

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मुस्लिम मुल्कों पर ट्रंप की पाबंदी: गूगल ने कर्मचारियों को यूएस बुलाया, जुकरबर्ग भी भड़के
File Photo: AFP

पिचाई ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा कि विदेशी नागरिकों पर अमेरिका के इस प्रतिबंध से गूगल के कम से कम 187 कर्मचारी प्रभावित होंगे. अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार, पिचाई ने ईमेल में कहा है कि वे ‘इस आदेश’ के असर को लेकर चिंतित हैं.

ट्रंप के आव्रजन संबंधी आदेश ठीक नहीं: जुकरबर्ग

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी अपनी सोशल नेटवर्किंग साइट पर अमेरिकी राष्ट्रपति की आव्रजन-रोधी नीतियों और मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने की योजना की आलोचना की.

जुकरबर्ग ने अमेरिका को 'प्रवासियों का देश' कहते हुए ट्रंप के कदमों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि उनके परदादा-परदादी जर्मनी, ऑस्ट्रिया और पोलैंड से यहां आए थे, जबकि उनकी पत्नी प्रिसिला चैन के माता-पिता चीन और वियतनाम से आए शरणार्थी हैं.

जुकरबर्ग ने ट्रंप से शरणार्थियों के लिए अमेरिका के द्वार खुले रखने का आग्रह किया. अगर हमने कुछ दशकों पहले शरणार्थियों के आने पर रोक लगा दी होती, तो प्रिसिला का परिवार आज यहां नहीं होता.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के पहले सप्ताह में ही सीमा पर दीवार के निर्माण और ईरान, इराक, लीबिया और सीरिया से शरणार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दे दिया.

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जुकरबर्ग ने शुक्रवार को एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, "आप जैसे कई लोगों की तरह ही मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से दिए गए हालिया निर्देशों के प्रभाव को लेकर चिंतित हूं. हमें इस देश को सुरक्षित रखना है, लेकिन हमें इसके लिए उन लोगों पर ध्यान देना चाहिए जो असली खतरा हैं."

उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ‘चरमपंथी इस्लामी आतंकवादियों को अमेरिका से बाहर’ रखने के नए उपायों के एक हिस्से के रूप में सात मुस्लिम बहुल देशों से लोगों के अमेरिका में प्रवेश की ‘‘कठोर जांच’ के आदेश दिए हैं. साथ ही अगली सूचना तक सीरियाई शरणार्थियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया.

First published: January 29, 2017
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