देखें: अब भूल जाइए बुर्ज खलीफा, उससे भी 178 मीटर ऊंची होगी ये इमारत

News18India
Updated: December 17, 2016, 9:59 AM IST
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Updated: December 17, 2016, 9:59 AM IST
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने के लिए पश्चिम एशिया के दो टावरों में जंग छिड़ गई है। दोनों ही टावर साल 2020 से पहले अपना निर्माण पूरा कर लेना चाहते हैं। यानी चार साल बाद बुर्ज खलीफा से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ताज छिनना तय है जो 830 मीटर ऊंची है।

भारत में बन रहा है दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर, इस मामले में बुर्ज-खलीफा को भी देगा मात..!

बुर्ज खिलाफ को चुनौती देने वाला पहला टावर दुबई के ही क्रीक हार्बर में बन रहा द टावर है। इसको 938 मीटर ऊंचा बनाने की तैयारी है। इसका निर्माण शुरू हो चुका है जिसे एमार बना रहा है। इसे बनाने में करीब 65 अरब रुपए खर्च होंगे। क्रीक हार्बर के द टावर में दुबई का 360 डिग्री यानी चारों तरफ का नजारा कराने वाला ऑब्जर्वेशन सेंटर भी होगा। इसकी ऊंची मंजिलों पर बगीचे भी होंगे और रहने के लिए घर और होटल भी होंगे।

अगर दुबई क्रीक हॉर्बर को सबसे ऊंची इमारत बनना है तो इसे हर हाल में चार साल के भीतर ही बना लेना होगा। इसकी वजह ये है कि साल 2020 में सउदी अरब का जेदाह टावर भी बन कर तैयार हो जाएगा। जेदाह टावर दुबई में बन रहे दुबई क्रीक हॉर्बर टावर से 72 मीटर और ऊंचा होगा। यानी एक किलोमीटर से 8 मीटर और ऊंचा टावर। इसका निर्माण 2013 में शुरू हुआ था तब इसे किंगडम टावर नाम दिया गया था। इसे 2018 में पूरा करने की योजना थी लेकिन अब ये दो साल की देरी से बनकर तैयार होगा। डिजाइन के मामले में इसके जैसा कोई और टावर दुनिया में नहीं होगा।
First published: December 16, 2016
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