26/11 मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ: पूर्व पाक एनएसए

News18Hindi

Updated: March 6, 2017, 7:58 PM IST
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आतंकी नर्सरी चलाने वाला पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है. 26/11 मुंबई अटैक पर हमसे लगातार सबूत मांगने वाले पाक की किरकिरी उस वक्‍त हुई जब वहीं के पूर्व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमए दुर्रानी ने एक बड़ा खुलासा किया है. दुर्रानी ने बताया कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले को पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया था.

आतंकवाद को दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताते हुए एनएसए दुर्रानी ने कहा कि इसके खात्मे के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी को एक ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है. 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले को पाकिस्तान के आतंकियों ने अंजाम दिया था. मुझे ये स्वीकार करते हुए खराब हो लग रहा है, लेकिन ये सच है.

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमाद-उद-दावा (जेडीयू) के सरगना हाफिज सईद के बारे में पूछे गए सवाल पर एनएसए दुर्रानी ने कहा कि वह पाकिस्तान के लिए बेकार है, आशा है कि पाक सरकार उसे दंडित करेगी.

पाक सरकार का नहीं था हाथ

दुर्रानी ने हालांकि कहा कि मुंबई हमले में पाकिस्तान की सरकार और आईएसआई की कहीं भूमिका नहीं थी. जमात उद दावा के चीफ हाफिज सईद के बारे में उन्‍होंने कहा कि वे बेकार है और पाकिस्‍तान के किसी काम का नहीं है. वहीं सर्जिकल स्‍ट्राइक के सवाल पर दुर्रानी ने कहा, मैंने कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं देखी है. न कोई लाशें दिखीं न बर्बादी. हालांकि उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान बिना हिंदुस्तान के दोस्ती के विकास नहीं कर सकता है.

इस मामले में सरकार और राजनीतिक दलों की तरफ से प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. गृहराज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से जो भी बयान आए हैं उसमें कुछ नया नहीं है. तो वहीं कांग्रेस नेता  शोभा ओझा ने कहा है कि

आज तक पाकिस्तान इस घटना को नकारता रहा है. अब जब पाकिस्तान की तरफ से ऐसी टिप्पणी है तो आतंकियों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए.

भारत लंबे वक्‍त से कर रहा है कार्रवाई की मांग

भारत लंबे समय से पाकिस्तान 26/11 मुंबई हमले के आतंकियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान हर बार सबूतों में कमी का रोना रो देता है. हालांकि, नवाज सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दवाब के बाद इस हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 30 जनवरी को नजरबंद कर दिया. इसके बाद पाक ने आतंकी हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी अधिनियम (एटीए) की चौथी अनुसूची में शामिल कर दिया. साथ ही पाक सरकार ने जेडीयू जैसे आतंकी संगठनों पर भी कार्रवाई की है. तो वहीं भारत ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को महज दिखावा करार दिया था.

166 से ज्‍यादा लोग मारे गए थे मुंबई अटैक में

गौरतलब है कि 26 नवंबर, 2008 को अचानक मुंबई गोलियों और बम विस्फोटों से दहल उठी थी. आतंकी हमलावरों ने मुंबई के दो पांच सितारा होटलों, रेलवे स्टेशनों और एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया. लियोपोल्ड कैफे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से शुरू हुआ आतंक का यह तांडव ताजमहल होटल में जाकर खत्म हुआ, लेकिन इस बीच सुरक्षाकर्मियों को 60 से भी ज्यादा घंटे लग गए और 166 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी.

First published: March 6, 2017
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