इसलिए नजरबंद हुआ हाफिज, ये थी शरीफ की मजबूरी..!

News18India.com
Updated: January 31, 2017, 12:08 PM IST
इसलिए नजरबंद हुआ हाफिज, ये थी शरीफ की मजबूरी..!
26/11 मुंबई हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद को लाहौर में नजरबंद करना पाकिस्‍तान की मजबूरी है? क्‍या नवाज शरीफ को यह समझ आ रहा है कि...!
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Updated: January 31, 2017, 12:08 PM IST
26/11 मुंबई हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद को लाहौर में नजरबंद करना पाकिस्‍तान की मजबूरी है? क्‍या नवाज शरीफ को यह समझ आ रहा है कि बीते एक दशक में अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान आतंकवाद को लेकर बदनाम हुआ है, उसकी छवि आतंकवाद के पनाहगार देश के रूप में बन गई है?

सवाल इसलिए उठता है क्‍योंकि अमेरिका में नये राष्‍ट्रपति डोनॉल्‍ड ट्रंप की सत्‍ता ने ही पाक पर दबाव बनाना शुरू नहीं किया है, बल्‍कि पूर्व राष्‍ट्रपति ओबामा ने भी पाकिस्‍तान के प्रति अमेरिकी नीतियों को बदलना शुरू कर दिया था. कार्यकाल के अंतिम दिनों में ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 40 करोड़ डॉलर की मदद रोक दी थी. वजह थी आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ठीक से कार्रवाई नहीं करना.

ओबामा प्रशासन ने कांग्रेस में बाकायदा एक बिल पास किया, जिसमें पाक को किसी भी तरह की मदद पर चार कड़ी शर्तें भी शामिल की गईं. यही नहीं अमेरिका पाकिस्‍तान में ईसाई, हिंदू एवं अहमदियों जैसे धार्मिक समूहों के उत्पीड़न और बलूची, सिंधी और हजारा जातीय समूहों की स्‍वतंत्रता पर भी चिंता करता रहा है. जबकि अमेरिकी कांग्रेस के दो ताकतवर सांसदों रिपब्‍लिकन टेड पो और डेमोक्रैट रोहरबाकर ने तो पाकिस्‍तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश करार देने के लिए बाकायदा बिल भी पेश किया.

न्‍यूज18 इंडिया के कंसल्‍टिंग एडिटर प्रबल प्रताप सिंह कहते हैं- ओबामा ने जाते-जाते पाक को कड़ा संदेश दिया और अब ट्रंप के सात मुस्‍लिम देशों के शरणार्थियों का वीजा रद्द करने के आदेश से भी पाक पर दबाव बढ़ा है.

सिंह कहते हैं- शरीफ यह समझने लगे हैं कि सईद जैसे लोगों को संरक्षण पाकिस्‍तान के लिए ठीक नहीं है. उन्‍हें ये लगने लगा है कि पाकिस्‍तान अब आइसोलेटेड हो रहा है, सरकार को अंदर से ही कई तरह की चुनौती मिल रही है. इमरान खान राजनीतिक चुनौती बन गए हैं. देश के आर्थिक हालात भी खराब हैं, ऐसे में शरीफ की ये मजबूरी थी कि वे कुछ कदम उठाएं और उन्‍होंने सईद को नजरबंद कर इस दबाव को कम किया है.

हालांकि अमेरिका पाक को पूरी तरह से साइड लाइन नहीं करेगा क्‍योंकि उसके कूटनीतिक हित हैं, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि दबाव पहले की तुलना में बढ़ेगा.
First published: January 31, 2017
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