नए साल पर भारत में धमाके के लिए हाफिज सईद ने बनाया 'ऑपरेशन दामाद'

News18India

Updated: December 22, 2016, 12:05 AM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

नई दिल्ली। नए साल के जश्न को मातम में बदलने के लिए भारत के खिलाफ दोहरी साजिश रची गई है। पहली साजिश आतंक के आका हाफिज सईद ने रची है। उसने एक ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार किया है जिससे एक साथ एक वक्त में कई जगहों पर हमले को अंजाम दिया जा सके। अब तक अपनी हर चाल में नाकाम होने के बाद हाफिज ने इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपने दामाद को जिम्मेदारी सौंपी है।

हाफिज सईद के इस दामाद का नाम ख़ालिद वलीद है। जानकारों के मुताबिक हाफिज़ सईद नहीं चाहता कि आतंकवाद से हो रही कमाई किसी और के जेब में जाए। इसलिए वो अब अपने परिवार के लोगों को ही बड़े बड़े ऑपरेशन की कमान सौंप रहा है। हाफिज़ सईद किसी भी कीमत पर इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बेताब है क्योंकि इससे उसके दामाद खालिद वलीद की भी साख दांव पर है।

इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए 60-80 आतंकियों की एक बड़ी ब्रिगेड बनाई गई है। इस ब्रिगेड में लश्कर-ए-तैयबा के साथ-साथ जैश-ए-मोहम्मद के भी आतंकी शामिल हैं। इन्हें जम्मू कश्मीर में एक साथ कई जगहों पर धमाके के लिए तैयार किया गया है।

25 जून, 2016 को पंपोर में हुए हमले की साजिश भी हाफिज सईद ने रची थी, जिसे उसने खुद कबूल भी किया था। पंपोर हमले का ब्लूप्रिंट भले ही हाफिज सईद ने बनाया हो, लेकिन इसे अंजाम तक पहुंचाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका दामाद ख़ालिद वलीद ही था। सूत्रों की माने तो इन हमलों के लिए पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भी खालिद वलीद को ही इसकी कामान सौंपी है। खालिद पहले भी कश्मीर में ऐसे हमलों को अजांम दे चुका है और उसने इस मिशन में दक्षिण कश्मीर में नए शामिल हुए आतंकी युवाओं को साथ लिया है।

खालिद वलीद ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए आतंकियों को ग्रुप में बांटा है। हर ग्रुप में 3-4 आतंकी शामिल हैं। इस तरह से 20 ग्रुप बनाए गए हैं। इन्हें फिदाइन हमले के लिए तैयार किया गया है। इन सभी फिदाइन हमलावरों की जो ब्रिगेड तैयार हुई है इसकी कमान खालिद वलीद संभाल रहा है। करीब 60-80 आतंकियों की इस ब्रिगेड की कमान सीधे खालिद वलीद संभाल रहा है जिसका मकसद एक बड़ी तबाही मचाना है।

फिदाइन हमले की तैयारी

पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जम्मू शहर और हाईवे पर फिदायन हमले की तैयारी की है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि हमलों को लिए 20 ग्रुप तैयार किए गए हैं जिसमें लश्कर और जैश के आतंकी शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक इन आतंकियों को खास मिशन के लिए तैयार किया गया है।

निशाने पर क्या है?

इनके निशाने पर सेना का काफिला, सेना के ठिकाने, सेना के अस्पताल, जम्मू रेलवे स्टेशन, रेलवे कालोनी और स्कूल हैं। इन फिदाइन हमलावरों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और अब इन्हें घुसपैठ कराने की कोशिश तेज हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक घने कोहरे का फायदा उठाकर इन्हें घुसपैठ कराने की कोशिश की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक इस वक्त घाटी में 200 आतंकी हैं। इसमें कुछ घुसपैठ नए हैं। हांलाकि, आतंक के आका के दामाद का पूरा ब्लूप्रिंट खुफिया एजेंसियों के पास है। इसलिए सरकार ने भी सुरक्षा एजेंसियों को मुस्तैद कर दिया है। आपरेशन दामाद के खतरे को देखने हुए चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बढा दी गई है।

कड़ा है पहरा

इस खतरे को देखते हुए सीमा के इलाकों में गाड़ियों के रात में चलने पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा हाइवे पर पेट्रोलिंग भी बढ़ाई गई है। यहीं नहीं, हाईवे पर जगह-जगह सुरक्षा बलों को भी मुस्तैद कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक बुरहान वानी की मौत के बाद लश्कर ने घाटी में लगभग 90 नए युवाओं को भर्ती किया था। इन्ही लोगों को आईएसआई ने लश्कर और जैश के कैंप में मिलकर ट्रेनिंग कराई जिससे दोनों को साथ में काम करने में परेशानी न आए।

आईएसआई का प्लान

नए साल के जश्न के दौरान भारत में तबाही के लिए पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई ने एक नई साजिश रची है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक अपने हर हथकंडे में फेल होने के बाद आईएसआई ने अब तालिबानी आतंकियों को भारत भेजकर बड़ी तबाही का प्लान बनाया है। खुफिया एजेंसियों को एक इंटरसेप्ट से आईएसआई की इस खूनी साजिश का पूरा ब्लूप्रिंट मिला।

आईएसआई की साज़िश

आईएसआई लश्कर के आतंकियों के साथ अफगानी आतंकियों को भारत भेजने की कोशिश कर रहा है। खुफिया एजेंसियों ने पश्तो भाषा में तालिबानी आतंकियों की बातचीत इंटरसेप्ट की है। इसके अलावा कुछ तालिबानी आतंकियों को लॉन्चिंग पैड पर भी देखा गया। जहां वो पश्तो भाषा में बातचीत कर रहे थे। आईएसआई ने लश्कर के आतंकियों के साथ तालिबानी आतंकियों को भी ट्रेनिंग दी है जिन्हें पहले स्वात घाटी और फिर तोरा-बोरा की पहाड़ियों में आतंक का पाठ पढ़ाया गया।

जानकारों का मानना है कि नए सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के आने के बाद भारत को और एहतियात बरतने की जरूरत है। भारत में लगातार घुसपैठ कर रहे आतंकियों के मारे जाने से आईएसआई परेशान है। जिसके बाद उसने तालिबानी आतंकियों का सहारा लिया और उन्हें ट्रेनिंग दी है। अब उसकी कोशिश है कि बर्फबारी का फायदा उठाकर लश्कर के आतंकियों के साथ-साथ तालिबानी आतंकियों की भी भारत में घुसपैठ कराई जाए। हांलाकि, आतंकियों की बातचीत सामने आने के बाद अब सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।

First published: December 21, 2016
facebook Twitter google skype whatsapp