हसन रूहानी की उदारवादी नीति का कायल हुआ ईरान, दूसरी बार बने राष्ट्रपति

भाषा
Updated: May 20, 2017, 2:42 PM IST
हसन रूहानी की उदारवादी नीति का कायल हुआ ईरान, दूसरी बार बने राष्ट्रपति
image: PTI
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Updated: May 20, 2017, 2:42 PM IST
ईरान की जनता ने मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी को एक बार फिर भारी मतों से देश की कमान सौंपी है. ये घोषणा वहां के सरकारी टेलीविजन की ओर से भी कर दी गई है. रूहानी को 62 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले.

इससे पहले उप गृहमंत्री अली अशगर अहमदी ने टेलीविजन पर प्रसारित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कल हुए चुनाव में चार करोड़ से अधिक ईरानियों ने मतदान किया यानी 70 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं की लंबी कतारों के मद्देनजर मतदान करने का समय आधी रात तक कई बार बढ़ाया. कुछ मतदाताओं ने कहा कि मतदान करने के लिए उन्होंने घंटों कतारों में खड़े होकर इंतजार किया.

यह चुनाव मुख्य रूप से रूहानी की अपेक्षाकृत उदारवादी राजनीतिक नीतियों पर जनमत संग्रह है. इन नीतियों के कारण वर्ष 2015 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते का मार्ग प्रशस्त हुआ जिसके तहत ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के बदले कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से राहत मिली थी.

इस चुनाव में उनका मुकाबला कट्टरपंथी धर्मगुरू इब्राहिम रईसी से था. इसके अलावा पूर्व संस्कृति मंत्री मुस्तफा मीरसलीम और मुस्तफा हाशिमाताबा भी चुनाव मैदान में थे. ईरान का राष्ट्रपति ईरान की राजनीतिक प्रणाली में दूसरा सबसे शक्तिशाली नेता होता है. उसके उपर देश का सर्वोच्च नेता होता है.
First published: May 20, 2017
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