एनएसजी, मसूद जैसे मुद्दों पर चीन और भारत में होगी बातचीत, विवाद सुलझाने की होगी कोशिश

भाषा
Updated: February 16, 2017, 10:11 PM IST
एनएसजी, मसूद जैसे मुद्दों पर चीन और भारत में होगी बातचीत, विवाद सुलझाने की होगी कोशिश
भारत और चीन 22 फरवरी को बीजिंग में अपनी पहली रणनीतिक वार्ता करेंगे. इसमें दोनों पक्ष आतंकवादी मसूद अजहर और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) जैसे टकराव के बिंदुओं सहित आपसी चिंता एवं हित के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
भाषा
Updated: February 16, 2017, 10:11 PM IST
नई दिल्ली. भारत और चीन 22 फरवरी को बीजिंग में अपनी पहली रणनीतिक वार्ता करेंगे. इसमें दोनों पक्ष आतंकवादी मसूद अजहर और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) जैसे टकराव के बिंदुओं सहित आपसी चिंता एवं हित के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दायरे में आने वाले आपसी हित के सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए होने वाली इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव एस जयशंकर और चीन के कार्यकारी उपाध्यक्ष हांग येसुई करेंगे.

भारत और चीन के रिश्तों में टकराव के बिंदुओं के होने की बात स्वीकार करते हुए स्वरूप ने कहा कि वार्ता में दोनों देशों के बीच के रिश्तों पर समग्र नजरिया अपनाने की कोशिश की जाएगी और यह देखा जाएगा कि किस हद तक वे एक-दूसरे की चिंताओं एवं हितों का ख्याल रख पाते हैं.

स्वरूप ने कहा कि भारत और चीन के बीच करीबी विकास साझेदारी है और दोनों देशों के बीच कई मुद्दे भी हैं. मिलजुल कर काम करने की चीजें भी हैं, कुछ टकराव के बिंदु भी हैं. उन्होंने कहा कि विचार यह है कि इस रणनीतिक वार्ता के जरिए हमारी तरफ से विदेश सचिव और उनके चीनी समकक्ष भारत-चीन संबंधों पर समग्र रूप से चर्चा करेंगे और देखेंगे कि दोनों पक्ष किस हद तक एक-दूसरे की चिंताओं और हितों का ख्याल रख पाते हैं.

पिछले साल अगस्त में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के दौरान रणनीतिक वार्ता शुरू करने का फैसला किया गया था. आगामी रणनीतिक वार्ता को नया तंत्र बताते हुए स्वरूप ने कहा कि यह ज्यादा परिपूर्ण मंच है.
First published: February 16, 2017
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