आपसी मतभेदों को भुलाकर BRI में शामिल हो भारत: चीनी राजनयिक

भाषा
Updated: May 18, 2017, 9:48 AM IST
आपसी मतभेदों को भुलाकर BRI में शामिल हो भारत: चीनी राजनयिक
Photo: PTI
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Updated: May 18, 2017, 9:48 AM IST
चीन के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि उनका देश चाहेगा कि भारत पारस्परिक मतभेदों से आगे बढ़े और इसकी महत्वाकांक्षी ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (Belt and Road Initiative) में शामिल होना दोनों देशों के विकास के हित में होगा.

कोलकाता में चीनी काउंसर जनरल मा झानवु ने कहा कि हम बीआरआई में भारत के शामिल होने का स्वागत करेंगे क्योंकि भारत और चीन विकासशील देश है. बीजिंग में हालिया ‘बेल्ट एंड रोड कांफ्रेंस’ के बाद भारत में चीनी राजनयिक की यह प्रथम मीडिया बातचीत है.

वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या चीन बीआरआई में भारत को शामिल करने के लिए कोई विशेष पहल करेगा? चीनी राजनयिक ने कहा कि हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं और उनमें से कुछ गंभीर प्रकृति के हैं. लेकिन हमें मतभेदों से आगे देखना चाहिए और विकास के लिए साझा हितों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

झानवु ने इस बात की भी पुष्टि की कि उनके देश का महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव’ कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाक विवाद पर इसके रूख में बदलाव नहीं करता. उन्होंने कहा कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है जिसका सिर्फ बातचीत के जरिए हल किए जाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर बीआरआई का एक अभिन्न हिस्सा है. यह कश्मीर पर चीन के रुख को प्रभावित नहीं करता. झानवु ने कहा कि चीन का रुख स्पष्ट है कि कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच एक विवाद है जो अतीत की विरासत है और इसे दोनों देशों को वार्ता के जरिए हल करना है.
First published: May 18, 2017
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