भारत-सिंगापुर नौसेना अभ्यास से हमें नुकसान नहीं होना चाहिए: चीन

आईएएनएस
Updated: May 19, 2017, 10:20 PM IST
भारत-सिंगापुर नौसेना अभ्यास से हमें नुकसान नहीं होना चाहिए: चीन
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Updated: May 19, 2017, 10:20 PM IST
चीन ने दक्षिण चीन सागर में भारत और सिंगापुर के संयुक्‍त नौसेना अभ्‍यास पर कहा कि जब तक उसके हितों को नुकसान नहीं होगा, वो विरोध नहीं करेगा. चीन ने कहा कि उसे इस तरह के आदान-प्रदान से विरोध नहीं है, बशर्ते ये क्षेत्रीय शांति में अवरोध न डाले.

भारत, सिंगापुर ने गुरुवार को विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में नौसेना अभ्यास शुरू किया. इस सागर पर चीन सहित आसपास के कई देश दावा करते हैं.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने शुक्रवार को कहा कि अगर इस तरह का अभ्यास और सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए लाभकारी है, तो हमें इससे कोई ऐतराज नहीं है. हम देशों के बीच सामान्य आदान-प्रदान के लिए एक बहुत ही खुला दृष्टिकोण रखते हैं.

हुआ ने कहा, 'हम सिर्फ ये उम्मीद करते हैं कि जब प्रासंगिक देश ऐसा आदान-प्रदान और सहयोग करें, तो इस बात को दिमाग में रखें कि इस तरह की गतिविधियां अन्य देशों के हितों को प्रभावित न करें. इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर कोई नकारात्मक असर न हो.'

ये सप्ताह भर लंबा सैन्याभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब इसके पहले चीन ने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) और सिंगापुर के साथ दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर बातचीत की है.

भारत और सिंगापुर हालांकि इस विवाद का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है. दक्षिण चीन सागर के जरिए हर साल पांच हजार करोड़ डॉलर का व्यापार होता है.

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First published: May 19, 2017
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