भारत महाशक्ति बना तो चीन को होगी मुश्किल, चीनी अखबार का दावा

भाषा
Updated: May 17, 2017, 10:43 PM IST
भारत महाशक्ति बना तो चीन को होगी मुश्किल, चीनी अखबार का दावा
ग्‍लोबल टाइम्‍स के लेख के अनुसार भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ करीबी संबंध बनाने के प्रयास कर सकता है.
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Updated: May 17, 2017, 10:43 PM IST
भारत की महाशक्ति बनने की चाहत चीन के लिए चुनौती पैदा करेगी. इससे दोनों देशों के रिश्‍ते जटिल बन रह सकते हैं. चीन के एक सरकारी अखबार के लेख में यह बात कही गई है. ग्‍लोबल टाइम्‍स के लेख के अनुसार भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ करीबी संबंध बनाने के प्रयास कर सकता है. इसके जरिए वह पहले से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास करेगा.

अखबार ने लिखा, ‘‘मोदी प्रशासन मौजूदा कूटनीतिक रणनीति में ज्यादा बदलाव नहीं करेगा. इसे क्षेत्रीय दृष्टिकोण से परे और महाशक्ति का दर्जा पाने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है. इसमें बड़ी महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक संतुलन बनाने लेकिन अमेरिका को शीर्ष प्राथमिकता देने, चारों तरफ सुरक्षा मजबूत करने, मुख्य तौर पर ध्यान चीन और पाकिस्तान पर रखने, अधिक साझेदार बनाने, जापान व ऑस्ट्रेलिया को प्राथमिकता देने और भारतीय उत्पादों को प्रचारित करने के तौर पर देखा जा सकता है।’’

लेख में लिखा गया है कि चीन नीत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होकर भारत और अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रभाव बढ़ाना चाहता है. इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में अग्रणी शक्ति बनने की प्रक्रिया में भारत के लिए यह समझना बड़ी चुनौती होगी कि पाकिस्तान, चीन और अन्य पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को बेहतर तरीके से कैसे संभाला जाए.’’

अखबार के मुताबिक भारत की विदेश नीति मोदी और उनकी टीम की राजनीतिक आकांक्षा और आत्मविश्वास का विस्तार है जो महाशक्ति के दर्जे के लिए भारत की महत्वाकांक्षा को भी दर्शाती है.

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First published: May 17, 2017
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