अमेरिका ने लश्कर की स्टूडेंट्स विंग को आतंकी संगठन घोषित किया

भाषा
Updated: December 29, 2016, 8:38 AM IST
अमेरिका ने लश्कर की स्टूडेंट्स विंग को आतंकी संगठन घोषित किया
लश्कर-ए-तैयबा पर नकेल कसते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान आधारित इस आतंकी समूह की छात्र इकाई ‘अल-मुहम्मदिया स्टूडेंट्स’ को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया और इसके दो शीर्ष नेताओं पर प्रतिबंध लगाया।
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Updated: December 29, 2016, 8:38 AM IST
वॉशिंगटन। लश्कर-ए-तैयबा पर नकेल कसते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान आधारित इस आतंकी समूह की छात्र इकाई ‘अल-मुहम्मदिया स्टूडेंट्स’ को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया और इसके दो शीर्ष नेताओं पर प्रतिबंध लगाया। लश्कर-ए-तैयबा को अमेरिका ने 2001 में आतंकी संगठन घोषित किया था।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि पहली बार आतंकवादी संगठन घोषित होने के बाद लश्कर ने अपना नाम बदलना शुरू कर दिया और मुखौटा संगठन बनाए ताकि प्रतिबंधों से बचा जा सके। उसने कहा, इस संदर्भ में अल-मुहम्मदिया स्टूडेंट्स (एएमएस) लश्कर-ए-तैयबा की छात्र इकाई है। साल 2009 में अस्तित्व में आया एएमएस लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है और उसने भर्ती से संबंधित पाठ्यक्रमों और युवाओं के लिए दूसरी गतिविधियों को लेकर लश्कर के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर काम किया है।

साथ ही, अमेरिकी वित्त विभाग ने लश्कर-ए-तैयबा के दो शीर्ष नेताओं मुहम्मद सरवर और शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। ये दोनों पाकिस्तान में रहते हैं। विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय के कार्यवाहक निदेशक जॉन ई स्मिथ ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के ये दोनों नेता आतंकी समूह की गतिविधियों को मदद करने के लिए धन की उगाही करते हैं और धन को आगे पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा है कि आज की कार्यवाही का मकसद सिर्फ उनकी गतिविधियों को उजागर करना नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के वित्तीय नेटवर्क और क्षमता को बाधित करना है।
First published: December 29, 2016
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