नासा ने ढूंढ निकाला 2009 में खोया इसरो का पहला चंद्रयान

भाषा
Updated: March 10, 2017, 9:14 PM IST
नासा ने ढूंढ निकाला 2009 में खोया इसरो का पहला चंद्रयान
Image Source: PTI
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Updated: March 10, 2017, 9:14 PM IST
भारत का साल 2009 में खो गया पहला चंद्र मिशन, चंद्रयान-1 नासा ने खोज निकाला है. नासा के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये यान अभी भी चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है. वैज्ञानिकों को अंतरग्रही राडार की नई तकनीक का इस्तेमाल कर इस खोये हुए चंद्रयान का पता लगाया है.

कब खोया था चंद्रयान-1
चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर, 2008 को छोड़ा गया था और मुश्किल से साल भर बाद ही 29 अगस्त, 2009 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का इससे संपर्क टूट गया था. तभी से ही इसरो ने इसे खोया हुआ मान लिया था.

कहां है चंद्रयान-1

नासा के मुताबिक चंद्रयान-1 अभी भी चंद्रमा का परिक्रमा कर रहा है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि चंद्रयान-1 चंद्रमा की सतह से करीब 200 किमी ऊपर अभी भी चक्कर लगा रहा है. नासा ने चंद्रयान-1 के अलावा अपने ही चंद्र निगरानी अंतरिक्ष यान (लुनर रिकानिसंस आर्बिटर) को भी खोज लेने का दावा किया है.

क्या कहा नासा ने
नासा के पासाडेना में जेट प्रोपल्सन प्रयोगशाला के एक राडार वैज्ञानिक मरीना ब्रोजोविक के मुताबिक नासा अपने लुनर रिकानिसंस आर्बिटर (एलआरओ) और इसरो के चंद्रयान-1 अंतरिक्षयान की चंद्रमा की कक्षा में जमीन पर स्थित राडार से पहचान करने में सफल रहे हैं.

नासा ने अपने बयान में कहा है कि एलआरओ को खोजना आसान था, क्योंकि हम मिशन नेविगेटर के साथ काम कर रहे थे और हमारे पास इसकी कक्षीय स्थिति से जुड़े आकंड़े थे. इसकी तुलना में भारतीय चंद्रयान-1 की पहचान करने में थोड़ी मुश्किल आई क्योंकि ये साल 2009 से ही लापता था. नासा के मुताबिक चंद्रमा की चमक में छिपी छोटी वस्तुओं का पता लगाने में ऑप्टिकल दूरबीन असमर्थ हैं.
First published: March 10, 2017
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