ओसामा के पैरों पर गिरे थे नवाज, लादेन से थे पुराने रिश्ते: पाक मीडिया

News18India

Updated: December 28, 2016, 11:52 PM IST
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नई दिल्ली। दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है। और एक बार फिर शिकंजे में है पाकिस्तान। इस बार उंगली सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर उठी है। जिन पर आरोप लग रहे हैं कि ओसामा बिन लादेन से न सिर्फ उनके निजी रिश्ते थे बल्कि लादेन से उन्हें अरबों रुपए भी मिलते थे।

तारीख 2 मई 2011 इस दिन दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन का अंत हुआ। रात के अंधेरे में अमेरिका के नेवी सील्स कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद की एक हवेली में घुसकर दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी का अंत किया। ओसामा का तो अंत हो गया लेकिन उसका जिन्न आज भी उन लोगों को शिकंजे में ले रहा है। जिन्होंने 10 साल तक दुनिया के इस सबसे खतरनाक आतंकी को छिपाए रखा। इस मामले से जुड़ा हर खुलासा पाकिस्तान के लिए नई मुसीबत खड़ी कर देता है।

लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान सरकार ने एक जांच कमीशन बनाया। जिसे एबटाबाद कमीशन कहा जाता है। इस कमीशन को ये जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वो ये पता लगाए कि लादेन पाकिस्तान में इतने दिन कैसे छिपा रहा। अमेरिकी सैनिक कैसे बिना पाकिस्तान में दाखिल हुए? और कैसे वो ओसामा को मारकर चले भी गए लेकिन पाकिस्तान को खबर नहीं हुई। इस कमीशन के अध्यक्ष थे जस्टिस जावेद इकबाल।

जस्टिस जावेद इकबाल ने अपनी रिपोर्ट जनवरी 2013 में सरकार को सौंप दी। लेकिन सरकार ने अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है। जावेद इकबाल ने एक बार फिर सरकार से मांग की है कि इस रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए। ऐसे में सवाल ये है कि सरकार रिपोर्ट क्यों छिपा रही है?

जस्टिस जावेद इकबाल की रिपोर्ट के कुछ हिस्से सामने आ चुके हैं। जिसमें पाकिस्तान के कई बड़े नामों पर उंगली उठती है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लादेन से रिश्तों को लेकर कई सनसनीखेज दावे हो रहे हैं। जिसमें ये भी कहा जा रहा है कि लादेन से नवाज को अरबों रुपए मिले। ऐसे में सवाल ये है कि क्या लादेन पाकिस्तान में रहने के लिए वहां के बड़े लोगों को किराया दे रहा था।

ये सनसनीखेज़ दावा पाकिस्तान के मशहूर अखबार द फ्रंटियर पोस्ट के संपादक रहमत शाह आफ़रीदी ने किया है। रहमत शाह के मुताबिक नवाज़ शरीफ और ओसामा बिन लादेन के रिश्ते इतने करीबी थे कि उनकी न सिर्फ मुलाकातें होती थी। बल्कि लादेन नवाज को अरबों रुपए देता था।

रहमत शाह के दावों को मजबूती इसलिए भी मिलती है कि आज नवाज शऱीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री है और वो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। जिसमें वो नाम छिपे हैं। जिनकी मदद से लादेन पाकिस्तान में करीब  9 साल तक छिपा रहा। रहमत शाह ने जो दावे किए हैं, उसके मुताबिक ओसामा बिना लादेन और नवाज शरीफ के रिश्ते 90 की दशक की शुरुआत से थे। इस दौरान लादेन और नवाज शरीफ की मुलाकातें भी होती थी। ऐसी ही एक मुलाकात में रहमत शाह खुद मौजूद थे।

नवाज शरीफ और ओसामा बिन लादेन के रिश्तों का दावा सिर्फ रहमत शाह ने ही नहीं किया बल्कि पाकिस्तान के कई मशहूर लोग नवाज शरीफ पर इस तरह का आरोप लगा चुके हैं। पाकिस्तान आईएसआई के अफसर खालिद ख्वाजा की पत्नी शमामा खालिद ने भी अपनी किताब में लिखा है नवाज शरीफ और ओसामा बिन लादेन के बीच काफी करीबी रिश्ते थे और ये रिश्ते काफी पुराने थे।

First published: December 28, 2016
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