उत्‍तर कोरिया ने मलेशियाई नागरिकों को 'बंधक' बनाया, देश छोड़ने पर प्रतिबंध

भाषा

Updated: March 7, 2017, 2:59 PM IST
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उत्तर कोरियाई ने मलेशियाई नागरिकों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है, बदले में मलेशिया सरकार ने भी कोरिया के राजनयिकों और दूसरे कर्मचारियों के मलेशिया छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों में कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है.

अस्थायी बैन के साथ कोरिया ने की ये मांग

उत्‍तर कोरिया ने मलेशियाई नागरिकों को 'बंधक' बनाया, देश छोड़ने पर प्रतिबंध
उत्तर कोरियाई ने मलेशियाई नागरिकों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है, बदले में मलेशिया सरकार ने भी कोरिया के राजनयिकों और दूसरे कर्मचारियों के मलेशिया छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

कोरियाई एजेंसी केसीनए के मुताबिक ‘‘सरकार ने उत्तर कोरिया में रहने वाले मलेशियाई लोगों के देश छोड़ने पर अस्थायी प्रतिबंध’ लगाने का फैसला किया है, यह बैन तब तक लागू रहेगा, ‘‘जब तक मलेशिया में हुई घटना का सही तरीके से निपटारा नहीं किया जाता और मलेशिया में रहने वाले उत्तर कोरिया के डिप्लोमट्स और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्‍चित नहीं कर दी जाती.’

ये कहा मलेशिया सरकार ने

मामले पर मलेशियाई प्रधानमंत्री ने  नजीब रज्जाक ने कहा ‘‘हमारे नागरिकों को पूरी तरह से बंधक बनाए जाने का यह कदम सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और कूटनीतिक नियम कायदों के खिलाफ है.’’ इधर कोरिया के इस कदम के बाद मलेशिया ने भी जवाबी कार्रवाई की और उत्तर कोरिया की एम्‍बेसी में तैनात डिप्लोमेट्स और दूसरे कर्मचारियों के मलेशिया छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

इसलिए हुआ ऐसा

कोरिया ने यह कदम मलेशिया सरकार की ओर से कोरियाई राजदूत को निकालने के बाद उठाया है. बता दें कि कोरियाई नेता किंम जोंग के भाई की हत्या के बाद दोनों देश हत्या की जांच को लेकर एक दूसरे पर सवाल उठा रहे थे. कोरियाई राजदूत ने जांच पर संदेह जताया था, जिसके बाद मलेशियाई सरकार ने कोरिया से माफी मांगने को कहा था, और माफी नहीं मांगने पर 48 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा था.

जांच में पर इसलिए उठ रहे हैं सवाल

किंम जोंग के सौतेले भाई की हत्या  की जांच पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि दक्षिण कोरिया ने इस हत्या के लिए उत्तर कोरिया पर ही आरोप लगाया है. इधर मलेशिया जांच के लिए उत्तर कोरिया के ही कई लोगों से पूछताछ करना चाहता है. अहम बात यह है कि इस मामले में जिस एक शख्‍स को पहले गिरफ्तार किया गया था, उसे सबूतों के अभाव में पहले ही छोड़ दिया गया.

पहले थे दोस्त, ऐसे बनें दुश्मन

उत्तर कोरिया और मलेशिया के बीच रिलेशन काफी मजबूत रहे हैं, लेकिन किंम जोंग के सौतेले भाई की कुआलालम्पुर एयरपोर्ट पर हत्या के बाद से दोनों देशों में तनातनी पैदा हो गई है. हत्या दो महिलाओं ने वीएक्स नर्व एजेंट के इस्तेमाल से की है. बता दें कि वीएक्स नर्व एजेंट इतना घातक कैमिकल है कि यूएन ने इसे जनसंहार के हथियारों की श्रेणी में डाला हुआ है.

First published: March 7, 2017
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