मिसाइल दागने में बाप-दादा से भी आगे निकले किम जोंग उन, अमेरिका तक को रेंज में लिया

News18Hindi
Updated: April 20, 2017, 10:55 AM IST
मिसाइल दागने में बाप-दादा से भी आगे निकले किम जोंग उन, अमेरिका तक को रेंज में लिया
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री हैन सोंग युल ने ऐलान किया कि वो अब और ज्यादा मिसाइल टेस्ट करेंगे.
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Updated: April 20, 2017, 10:55 AM IST
हर दिन आ रहे नए भड़काऊ बयानों के चलते उत्तरी कोरिया और अमेरिका के रिश्ते और तनाव पूर्ण हो गए हैं. अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बावजूद उत्तर कोरिया ने कहा है कि वो अपने मिसाइल कार्यक्रमों में कोई परिवर्तन नहीं करेगा.

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री हैन सोंग युल ने ऐलान किया कि वो अब और ज्यादा मिसाइल टेस्ट करेंगे. पढ़िए कैसे-कैसे दादा और पिता के शासन की तुलना में किम जोंग उन अपने मिसाइल कार्यक्रम पर दोगुना जोर-शोर से जुटे हैं. साथ ही फिलहाल उत्तरी कोरिया की मिसाइलों की जद में दुनिया के कौन-कौन से मुल्क हैं?

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सत्ता संभालते ही तेज किया न्यूक्लियर कार्यक्रम

साल 2011 में पिता किम जोंग ।। के बाद किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली थी. इसके बाद ही उन ने शक्तिशाली हथियार और लंबी रेंज की मिसाइलों को तैयार करने की कवायद शुरू कर दी थी.

उन्होंने ऐसे रॉकेटों को बनाना शुरू किया जो जापान और दक्षिण कोरिया पर परमाणु हमला कर सकें. इसके अलावा उन प्रशासन अमेरिका तक हमला कर सकने वाली लंबी दूरी की इंटरकांटिनेंटल मिसाइलों के परीक्षण में भी लगा हुआ है. जो वॉशिंगटन DC तक सीधी मार कर सकें.

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रोज नए प्रयोगों से अमेरिका चिंतित
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट टिलरसन ने 9 अप्रैल को बयान जारी करके कहा था कि अमेरिका के लिए उत्तरी कोरिया की मिसाइलों की क्षमता में महत्वपूर्ण प्रगति चिंता का विषय है.

उत्तरी कोरिया अपनी तेईपोडांग-2 पर काम कर रहा है, जो अमेरिका के हर शहर तक अपनी पहुंच रखती है. वहीं विशेषज्ञ कहते हैं कि ये मिसाइल सिर्फ सैटेलाइट लॉन्च कर सकती है. ये परमाणु बम ले जाने के लिए सक्षम नहीं है.

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लंबी दूरी की मिसाइलों पर काम जारी

अमेरिका को चिंता है कि उत्तर कोरिया अपनी सबसे अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल विकसित कर रहा है. इसे KN-08 या ह्वासांग-13 का नाम दिया है.

इसकी पहली बार चर्चा तब हुई जब सितंबर 2016 में कोरिया ने नए रॉकेट इंजन का परीक्षण किया. ऐसा माना गया कि इस इंजन को इंटरकांटिनेंटल मिसाइल पर लगाया जा सकता है. अमेरिका का मानना है कि उ. कोरिया के पास कम से कम 6 KN-08 मिसाइलें हैं, जिसकी जद में अमेरिका के ज्यादातर हिस्से हैं.
First published: April 20, 2017
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