अपने नागरिक की मौत से भारत पर भड़का नेपाल, डोभाल ने प्रचंड को किया फोन

News18India
Updated: March 10, 2017, 11:21 PM IST
अपने नागरिक की मौत से भारत पर भड़का नेपाल, डोभाल ने प्रचंड को किया फोन
Image Source: PTI
News18India
Updated: March 10, 2017, 11:21 PM IST
यूपी के लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली युवक की मौत के बाद विवाद गहराता जा रहा है. शुक्रवार को भी उस समय एक बार फिर तनाव पैदा हो गया जब विवादित ज़मीन पर निर्माण को लेकर नेपाल सीमा से कुछ लोगों ने भारत की तरफ पथराव करना शुरू कर दिया और भारत विरोधी नारेबाजी भी की. उधर नेपाल के विदेश मंत्री प्रकाश एस माहत ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से फोन पर बात कर मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है.

शुक्रवार देर शाम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड को फोन कर मौत पर दुःख जाहिर किया. इससे पहले गुरुवार को एसएसबी की तरफ से कथित फायरिंग में एक नेपाली युवक की मौत हो गई थी.

डोभाल ने मोदी की तरफ से किया फोन
मिली जानकारी के मुताबिक डोभाल ने प्रचंड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से फोन कर नेपाली युवक की मौत पर दुःख जाहिर किया. डोभाल ने एसएसबी की कथित गोलीबारी की घटना की जांच का वादा भी किया. डोभाल ने प्रचंड को बताया कि भारतीय अधिकारियों ने नेपाली युवक गोविंद गौतम के मारे जाने की घटना की जांच आरंभ कर दी है.

ये भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर बिगड़े हालात, पत्थरबाजी में 9 एसएसबी जवान और 34 नागरिक घायल

उधर जांच के लिए जरूरी सहयोग प्रदान करने की नेपाल की तैयारी से अवगत कराते हुए प्रचंड ने कहा कि कंचनपुर की घटना बहुत गंभीर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद दोषियों पर मामला दर्ज किया जाएगा. फिलहाल नेपाल सरकार ने मारे गए व्यक्ति को शहीद घोषित किया है. नेपाल के गृहमंत्री विमलेंद्र निधि ने कहा कि नेपाल ने गौतम को शहीद घोषित किया है. नेपाल सरकार उसके परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देगी और उसका दाह संस्कार पूरे राजकीय सम्मान से करेगी और उसके बच्चों को मुफ्त में शिक्षा की व्यवस्था करेगी.

नेपाल ने भेजा कूटनीतिक नोट
नेपाल ने इस मामले में शुक्रवार को एक कूटनीतिक नोट (डिप्लोमैटिक नोट) भारतीय अधिकारियों को सौंपा है. नेपाली पक्ष का आरोप है कि नेपाली नागरिक गोविंदा गौतम की मौत गुरुवार को नेपाल-भारत सीमा पर एसएसबी कर्मियों की गोलीबारी से हुई. यह गोलीबारी नो मैन्स लैंड में एक पुलिया के निर्माण के विवाद को लेकर की गई. इससे नेपाली लोगों में काफी गुस्सा है.

नेपाल के विदेश मंत्रालय कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी ने भारतीय दूतावास के उप प्रमुख बिनय कुमार को तलब किया और उन्हें डिप्लोमैटिक नोट सौंपा. उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार इस घटना की निंदा करती है और जांच की मांग करती है. उधर कुमार ने बैरागी को सूचित किया कि इस घटना को लेकर भारत ने जांच शुरू कर दी है.

क्या है पूरा मामला
बता दें कि बसही चेक पोस्‍ट के पास भारत और नेपाल की सरहद तय करने वाला पिलर नंबर 200 गायब है. इस वजह से वह जमीन विवादित हो गई है और दोनों देश इस जमीन को अपना बता रहे हैं.

इस विवादित जमीन पर किए जा रहे पक्के निर्माण का मामला बीती 18 फरवरी को भी उठा था और नेपाली लोगों ने निर्माण बीच में ही रुक गया था. उप जिलाधिकारी शादाब असलम ने मौके का निरीक्षण करने के बाद नेपाली अधिकारियों से विचार-विमर्श किया था. उस वक्त यह फैसला किया गया था कि दोनों देशों के सर्वे अफसरों द्वारा अपने-अपने मुल्क की सीमा तय किये जाने तक विवादित जगह पर कोई भी पक्का निर्माण नहीं कराया जाएगा.

ख़बरों के मुताबिक पत्थरबाजी के जवाब में एसएसबी ने भी भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया. फिलहाल तनाव को देखते हुए एसएसबी ने अपनी अतिरिक्त कंपनी को सीमा पर तैनात कर दिया है. उधर नेपाल टीम की मदद के लिए भी मौके पर नेपाल पुलिस और नेपाल प्रहरी दल भी मौके पर मौजूद हैं. ख़बरों के मुताबिक फिलहाल नेपाली भीड़ ने नोमेंस लेंड के पास विवादित ज़मीन पर कब्‍जा भी कर लिया है.

एजेंसियों से इनपुट
First published: March 10, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर