ट्रंप की नीति को लेकर सच साबित हो सकता है पाक का डर, व्हाइट हाउस ने दिए ये संकेत!

आईएएनएस
Updated: February 1, 2017, 7:04 PM IST
ट्रंप की नीति को लेकर सच साबित हो सकता है पाक का डर, व्हाइट हाउस ने दिए ये संकेत!
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Updated: February 1, 2017, 7:04 PM IST
अभी तक माना जा रहा था कि आतंकी हाफिज सईद को नजरबंद कर, पाकिस्तान का अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए डर जाहिर हो रहा है. लेकिन, पाकिस्तान का ये डर अब हकीकत बन सकता है. व्हाइट हाउस द्वारा दिए गए संकेत के मुताबिक वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में देखे जा रहे पाक को उन मुस्लिम बहुसंख्यक देशों की सूची में शामिल किया जा सकता है जहां से लोगों के अमेरिका आने पर ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया है.

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मीडिया के संबंधों पर जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में चर्चा के लिए कल आए व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ये संकेत दिया. उनसे मुस्लिम देश के नागरिकों के बैन को लेकर पूछा गया कि 'पाकिस्तान क्यों नहीं?' स्पाइसर ने इसके जवाब में कहा कि संभवत: हम करेंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से ही ये सवाल व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों का पीछा कर रहा है. बैन किए गए देशों में इराक, सीरिया, सूडान, ईरान, सोमालिया, लीबिया और यमन शामिल हैं. पिछले कुछ दिन से व्हाइट हाउस के अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि इस सूची में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सउदी अरब जैसे देशों के नाम क्यों शामिल नहीं हैं.

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने संकेत दिया कि पाकिस्तान इस सूची का हिस्सा हो सकता है. स्पाइसर ने कहा कि हमने उन सात देशों से शुरू किया है जिनकी पहले पहचान की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि 90 दिन की समीक्षा अवधि रहेगी, जिस दौरान हमें कुछ और देश मिल सकते हैं या हम किसी को हटा सकते हैं या ऐसा ही कुछ भी. लेकिन ये एक समीक्षा प्रक्रिया है.

उन्होंने बताया कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता एक सरकार के रूप में उन 32 करोड़ 40 लाख लोगों की सुरक्षा करना है जो इस देश में रहते हैं. इसलिए मैं समझ सकता हूं कि लोगों को इस देश में आते हुए थोड़ा परेशानी हो. लेकिन ये हमारा राष्ट्र है और हमारी पहली और सर्वोपरि प्राथमिकता हमारे लोग हैं.
First published: February 1, 2017
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