PAK में विपक्ष का आरोप, भारतीय कारोबारी से मीटिंग के बाद जाधव केस में बरती गई नरमी

News18Hindi
Updated: May 20, 2017, 9:58 AM IST
PAK में विपक्ष का आरोप, भारतीय कारोबारी से मीटिंग के बाद जाधव केस में बरती गई नरमी
File photo - PTI
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Updated: May 20, 2017, 9:58 AM IST
कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट से मिली फांसी पर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) की रोक के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट द डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा है, 'नवाज शरीफ की कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह ही देश को लूट रही है.' वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की शेरी रहमान ने भी भारतीय कारोबारी सज्जन जिंदल के पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए कहा, शरीफ और जिंदल के सीक्रेट डील का सच सामने लाने की जरूरत है.

तो क्या इसलिए जाधव के केस पर लगी रोक
इमरान खान ने कहा, भारतीय बिजनेसमैन सज्जन जिंदल के पाकिस्तान आने और प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जाधव की फांसी पर रोक लगा दी गई. विपक्षी पार्टियों की मांग के बावजूद शरीफ ने जिंदल के पाकिस्तान आने और उनसे मुलाकात करने की वजहों के बारे में नहीं बताया.

इमरान ने कहा, जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया और उसने यह स्वीकार किया कि वह वहां आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था. इसके बावजूद भारत इंटरनेशनल कोर्ट से उसकी फांसी पर रोक लगाने में सफल रहा. इससे देश में निराशा का वातावरण बन गया है.

दूसरी पार्टियों ने भी सवाल उठाए
पाकिस्तान तरहीक-ए इंसाफ के नेता शपकत महमदू ने सवाल किया कि जिंदल और शरीफ में क्या बात हुई? क्या उनके बीच कोई सीक्रेट डील हुई? नवाज को सच्चाई बतानी चाहिए. जाधव मामले में सरकार ने ब्रिटेन में रहने वाले और कतर स्थित लंदन क्वींस काउंसल में वकालत करने वाले वकील को क्यों हायर किया? इससे साफ है कि जिंदल और शरीफ में कोई डील हुई है.

क्या है जाधव का मामला 
कुलभूषण जाधव को पिछले साल 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान ने जाधव को भारतीय जासूस बताकर गिरफ्तार किया था. कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल को पाकिस्तान की पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पहुंचा था, जहां 18 मई को मामले की पूरी सुनवाई होने तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी गई. जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत की तीनों अपील को मंजूर कर लिया है.
First published: May 20, 2017
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