पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए खुशखबरी, सीनेट ने पास किया हिन्दू विवाह विधेयक

भाषा
Updated: February 18, 2017, 1:03 PM IST
पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए खुशखबरी, सीनेट ने पास किया हिन्दू विवाह विधेयक
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की शादियों के नियमन से जुड़े अहम विधेयक को सीनेट ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है. अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक कानून में तब्दील हो जाएगा.
भाषा
Updated: February 18, 2017, 1:03 PM IST
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की शादियों के नियमन से जुड़े अहम विधेयक को सीनेट ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है. अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक कानून में तब्दील हो जाएगा.

शुक्रवार को हिन्दू विवाह विधेयक 2017 को सीनेट ने पारित कर दिया. यह हिन्दू समुदाय का पहला विस्तारित पर्सनल लॉ है. नेशनल असेम्बली विधेयक को 15 सितंबर, 2015 को मंजूरी दे चुकी है.

कानून का रूप लेने के लिए इसे केवल राष्ट्रपति के दस्तखत की दरकार है जोकि मात्र एक औपचारिकता है.

'डॉन न्यूज' की खबर के मुताबिक पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू इस विधेयक को व्यापक तौर पर स्वीकार करते हैं क्योंकि यह शादी, शादी के पंजीकरण, अलग होने और पुनर्विवाह से संबंधित है.

इसमें लड़के और लड़की दोनों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल तय की गई है. विधेयक की मदद से हिन्दू महिलाएं अब अपने विवाह का दस्तावेजी सबूत हासिल कर सकेंगी.

यह पाकिस्तानी हिन्दुओं के लिए पहला पर्सनल लॉ होगा जो पंजाब, बलूचिस्तान और खबर पख्तूनख्वा प्रांतों में लागू होगा. सिंध प्रांत पहले ही अपना हिन्दू विवाह विधेयक तैयार कर चुका है.

विधेयक को सीनेट में कानून मंत्री ज़ाहिद हमीद ने पेश किया जिसका किसी ने विरोध नहीं किया. यह इसलिए हुआ क्योंकि प्रासंगिक स्थायी समितियों में सभी सियासी पार्टियों के सांसदों ने हमदर्दी वाला नजरिया जाहिर किया था.

'सीनेट फंक्शनल कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स' ने दो जनवरी को जर्बदस्त बहुमत के साथ विधेयक को मंजूरी दी थी.
First published: February 18, 2017
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