रॉ के एजेंट हैं पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी!

Updated: February 12, 2017, 2:53 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पाबंदी संबंधी नए सुझाव देने वाले एक थिंकटैंक की पाकिस्तान ने तीखी आलोचना की है. थिंकटैंक ने अपनी रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन को पाकिस्तान के खिलाफ कठोर नीति अपनाने की सलाह दी थी. पाकिस्तानी दूतावास ने इस रिपोर्ट को चुनौती दे डाली है.

राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित हडसन इंस्टीट्यूशन में शुक्रवार को विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान स्थिति उस वक्त गंभीर हो गई, जब सुरक्षाबलों ने सवाल पूछने वाले एक शख्स को बाहर निकाल दिया. यहां तक कि दूतावास ने रिपोर्ट बनाने वालों में शामिल अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी को धमकी देते हुए गद्दार और रॉ का एजेंट बता डाला.

रॉ के एजेंट हैं पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी!
File Photo: Husain Haqqani (AFP)

दरअसल, अमेरिका के जाने-माने कुछ थिंक टैंक्स ने एक रिपोर्ट को तैयार किया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन को पाकिस्तान और उसकी नीतियों के खिलाफ कठोर नीति अपनाने की सलाह दी गई है. रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन को सुझाव दिया गया था कि वह पाकिस्तान को अतिरिक्त आर्थिक मदद और रक्षा उपकरण देना बंद करे, क्योंकि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद का इस्तेमाल अफगानिस्तान में करता है, जिससे वहां अस्थिरता पैदा होती है.

रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की मुख्य वजह माने जाने वाले कश्मीर मु्द्दे पर जल्द कदम उठाने को कहा गया. इसके अलावा बलूचिस्तान पर भारत के रूख को भी देखे जाने की बात ट्रंप प्रशासन से कही है.

रिपोर्ट में सलाह दी गई थी कि अगर पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद के खिलाफ समुचित कार्रवाई न हो तो फिर अमेरिका को पाकिस्तानी फौज और आईएसआई के उन अधिकारियों की एक सूची बनानी चाहिए, जिनका आतंकवादी गुटों से संबंध रहा है और उनके अमेरिका आने पर बैन लगा दिया जाना चाहिए. बता दें कि अभी हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर बैन दिया.

रिपोर्ट को अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी और दक्षिण एशिया मामलों की जानकार लिसा कर्टिस ने लिखा है.

First published: February 12, 2017
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