सिंध के गवर्नर ने जबरन धर्मांतरण विरोधी विधेयक लौटाया

भाषा

Updated: January 8, 2017, 8:52 AM IST
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कराची। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के गवर्नर ने प्रांतीय असेंबली से पारित उस विधेयक को लौटा दिया जिसमें जबरन धर्मांतरण को अपराध करार दिया गया है।

बीमार चल रहे गवर्नर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सईदुज्जमां सिद्दीकी ने आपराधिक कानून (अल्पसंख्यकों का संरक्षण) विधेयक को लौटा दिया, हालांकि इसकी कोई वजह नहीं बताई।

सिंध के गवर्नर ने जबरन धर्मांतरण विरोधी विधेयक लौटाया
(Getty Images)

इस विधेयक को वापस लौटाते हुए सिद्दीकी ने सिंध असेंबली के सचिवालय को लिखा, ‘कृपया इस विधेयक पर फिर से विचार कीजिए।’ गर्वनर ने असेंबली से कहा कि वह ‘काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियॉलजी’ (सीआईआई), एमक्यूएम नेता सरदार अहमद की ओर से लिखे गए पत्रों और धार्मिक पार्टियों की ओर से जताए गए विरोध का संज्ञान ले जिनमें या तो विधेयक को वापस लेने या उसमें प्रस्तावित संशोधन करने की मांग की गई है।

सिंध असेंबली के सचिव जी उमर फारूक ने इसकी पुष्टि की है कि उन्हें गवर्नर के संदेश के साथ विधेयक मिला है। ‘पाकिस्तान हिंदू काउंसिल’ ने पहले ही चिंता जताई थी कि अगर इस विधेयक को संशोधित किया गया या रद्द किया गया तो इससे गैर मुस्लिमों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी।

 

First published: January 8, 2017
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