मारे गए भारतीय की पत्नी के तीखे सवाल,'नस्लीय हमलों को कैसे रोकेगी ट्रंप सरकार?

भाषा

Updated: February 26, 2017, 8:11 AM IST
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अमेरिका की कंसास सिटी में एक पूर्व नौसैनिक के नस्लीय हमले में मारे गए भारतीय इंजीनियर की पत्नी ने अमेरिका सरकार से सवाल किया है वह अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत से होने वाले अपराधों को रोकने के लिए वह क्या करेगी.

भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की 32 साल की पत्नी सुनयना डुमाला ने कहा कि अमेरिका में भेदभाव की खबरें अल्पसंख्यकों में डर पैदा करती हैं और उन्होंने सवाल किया है कि क्या हमारा यहां से नाता है? जीपीएस निर्माता कंपनी गार्मिन द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुनयना डुमाला ने सवाल किया कि डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका सरकार अल्पसंख्यकों के विरूद्ध होने वाले नफरतभरे अपराधों , जैसा कि उनके पति के साथ हुआ, को रोकने के लिए क्या करेगी.

मारे गए भारतीय की पत्नी के तीखे सवाल,'नस्लीय हमलों को कैसे रोकेगी ट्रंप सरकार?
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वैसे उन्होंने ट्रंप का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि यह देश हरेक के लिए खतरनाक नहीं होगा. सुनयना को अमेरिका में होने वाली गोलीबारी की घटनाओं की चिंता रहती थी और अमेरिका में रहने को लेकर संदेह था, लेकिन तब उनके पति ने उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया था कि अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं.

बुधवार की रात को सिटी के एक बार में एडम पुरिनतोन नामक एक पूर्व नौसैनिक ने गोली मारकर गार्मिन के इंजीनियर श्रीनिवास की हत्या कर दी थी. गोलीबारी की इस घटना से प्रवासियों के मन में भय पैदा हो गया है जो महसूस कर रहे हैं कि कुछ देशों से यात्रियों को आने को रोकने और मैक्सिकी की सीमा पर दीवार खड़ी करने की ट्रंप की योजना से वे निशाने पर आ गए हैं.

ट्रंप ने अपने चुनाव वादे ‘अमेरिका प्रथम’ को साकार करने के लिए यह योजना बनाई है. कुछ देशों के विरूद्ध ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा पाबंदी को कई लोग विभाजनकारी मान रहे हैं और उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी समेत कई वर्गों ने उसकी कड़ी आलोचना की है.

सुनयना ने कहा कि श्रीनिवास एल पासो में टेक्सास विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री करने के लिए 2005 में अमेरिका आए और उन्होंने कंसास आने से पहले लोवा में छह सालों तक काम किया.

उन्होंने कहा कि उनकी इस तरह हत्या नहीं होनी चाहिए थी. मैं नहीं जानती कि क्या कहा जाए. हमने कई बार अखबारों में कहीं न कहीं किसी प्रकार की गोलीबारी की खबरें पढ़ी. मुझे हमेशा चिंता रहती थी कि क्या हम अमेरिका में रहकर सही काम कर रहे हैं? लेकिन वह मुझे हमेशा आश्वासन देते थे कि अमेरिका में अच्छी बातें होती हैं. ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत अनुपम रे स्थिति पर नजर रख कर रहे हैं और शोक संतृप्त परिवार और कंसास में रहने वाले (भारतीय) समुदाय को हर संभव मदद कर रहे हैं.

रे ने कहा है कि घटना के तत्काल बाद ही महावाणिज्य दूतावास ने उप महावाणिज्य दूत आर डी जोशी और वाइस काउंसल एच सिंह को इस मुश्किल घड़ी में श्रीनिवास के परिवार का साथ देने के लिए कंसास रवाना किया गया.

First published: February 26, 2017
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