बद से बदतर हुए 6 साल में सीरिया के हालात

News18Hindi
Updated: April 19, 2017, 2:08 PM IST
बद से बदतर हुए 6 साल में सीरिया के हालात
Image Source: PTI
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Updated: April 19, 2017, 2:08 PM IST
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई अब पूरी तरह गृहयुद्ध में तब्दील हो चुकी है. 6 साल बाद इस पूरी कार्रवाई पर नजर डालें तो पता चलेगा कि सीरिया ने क्या खोया और किस कदर वो बर्बाद हुआ.

बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के संघर्ष से शुरुआत

सीरिया में बशर अल-असद ने साल 2000 में पिता हाफेज़ उल असद की जगह ली थी. बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक आजादी न होने के चलते वहां जनता में भारी विद्रोह था.

साल 2011 में अरब मुल्कों में बगावत का एक दौर शुरू हुआ और सत्ता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनों की शुरुआत हुई. इससे प्रेरित होकर सीरिया में भी 2011 में लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर प्रदर्शनों का दौर शुरू हुआ. सीरियाई असद सरकार ने इस प्रदर्शन को दबाने के लिए क्रूरतम कदम उठाए. असद सरकार की हिंसक कार्रवाई पर विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया. इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने भी हथियार उठाकर जवाब देना शुरू कर दिया.

syria graphic

2012 तक गृहयुद्ध की चपेट में सीरिया

2012 की शुरुआत तक सीरिया पूरी तरह गृहयुद्ध की चपेट में आ गया था. अलग-अलग विद्रोही गुटों ने अपने-अपने प्रभुत्व वाले इलाकों में में अपनी व्यवस्थाएं कायम कर दीं थीं. अब सीरिया की लड़ाई क्षेत्रीय की बजाए वैश्विक हो चली थी.

सीरिया की लड़ाई में कई देश जैसे अमेरिका, सऊदी अरब, रूस और ईरान का सीधा हस्तक्षेप सामने आ गया. बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के चलते सीरिया की जमीनी हकीकत किसी बुरे ख्वाब से ज्यादा भी भयावह हो गई है.

4 लाख से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई
इस पूरी लड़ाई में सीरिया के 4.70 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें से सीधे तौर पर 4 लाख लोगों की युद्ध के कारण मौत हुई, जबकि बाकी मौतें खराब हालात, खराब स्वास्थ्य सेवाएं और मूल अधिकारों की हनन के चलते हुई.

इन मौतों में कुल आम नागरिकों की तादाद 96 हजार से ज्यादा हैं. इनमें से 17,411 बच्चे हैं. युद्ध के चलते सीरिया पर पड़े आर्थिक नुकसान की बात करें तो ये कुल 254.7 अरब डॉलर का है. लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव की बात करें तो जीवन प्रत्याशा के आंकड़े सारी सच्चाई बयां कर देते हैं. 2011 से पहले सीरिया में आम लोगों की औसत उम्र 70.5 थी, जो महज 5 सालों में घटकर 55.4 तक आ पहुंची है.

6 वैश्विक धरोहर बर्बाद

सीरिया के इस गृहयुद्ध में सभी की सभी 6 वैश्विक धरोहर या तो बर्बाद हो गईं या कर दी गईं. इन धरोहरों में पाल्मारा, अलेप्पो का पुराना शहर, दमिश्क का प्राचीन शहर, बोसा, क्रेक डेस चेवालिअर्स के किले, उत्तरी सीरिया के प्राचीन गांव शामिल हैं
First published: April 19, 2017
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