इस जेल में सूली पर लटका दिए गए 13 हजार कैदी

भाषा

Updated: February 8, 2017, 11:52 AM IST
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सीरिया सरकार ने गुपचुप तरीके से 13 हजार कैदियों को फांसी दे दी. एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है.

बैरूत के दमिश्क के पास सीरिया सरकार की एक कुख्यात जेल में पिछले पांच वर्षों में करीब 13 हजार लोगों को फांसी दी गई. ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने यह जानकारी देते हुए शासन पर ‘तबाही की नीति’ अपनाने का आरोप लगाया.

इस जेल में सूली पर लटका दिए गए 13 हजार कैदी
सीरिया सरकार ने गुपचुप तरीके से 13 हजार कैदियों को फांसी दे दी. एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है.

एमनेस्टी की ‘ह्यूमन स्लॉटरहाउस: मास हैंगिंग एंड एक्सटरमिनेशन एट सैदनाया प्रीजन’ शीषर्क वाली ये रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों, बंदियों और न्यायाधीशों सहित 84 प्रत्यक्षदर्शियों के साक्षात्कारों पर आधारित है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि, साल 2011 से 2015 के बीच सप्ताह में कम से कम एक बार करीब 50 लोगों को फांसी पर लटकाया गया. ये कार्रवाई ‘‘आधी रात को पूरी गोपनीयता के बीच’’ की जाती थी.

मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा, ‘‘इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी. उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं.’’

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे.

फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘‘वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे.’’

एमनेस्टी ने इस मामले को युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है. साथ ही सीरिया सरकार पर बंदियों के उत्पीड़न, भोजन-पानी और मेडिकल देखभाल से वंचित रख ‘‘तबाही की नीति’’ अपनाने का आरोप लगाया.

गौरतलब है कि इससे पहले मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले इस समूह ने मार्च 2011 से सरकार की हिरासत में करीब 17,700  लोगों के मारे जाने की बात कही थी.

First published: February 8, 2017
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