इस्तांबुल में हुए हमले में दो भारतीयों की भी मौत

भाषा

Updated: January 1, 2017, 7:18 PM IST
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इस्तांबुल। तुर्की में साल 2016 के खूनखराबे के बाद बेहतर भविष्य की उम्मीदों के साथ एक नाइटक्लब में नव साल का जश्न मना रहे लोगों एक व्यक्ति ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। इस हमले में दो भारतीयों की भी मौत हुई है। हमले के बाद दोनों भारतीयों की शिनाख्त हुई है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विट कर बताया कि इस्तांबुल में हुए हमले में दो भारतीयों की भी मौत हुई है। इसमें एक हैं अबीस रिजवी और खुशी शाह।  तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि रियान क्लब में गोलीबारी करने से पहले हमलावर ने प्रवेश द्वार पर खड़े एक पुलिस कर्मी और एक असैन्य नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रियान क्लब में अक्सर बड़ी पार्टियों और समारोह का आयोजन किया जाता है।

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गृह मंत्री सूलेमान सोयलू ने बताया कि हमलावर वहां से फरार हो गया और अब उसके लिए एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया गया है जिससे उम्मीद है कि वह जल्द पकड़ा जाएगा।

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सोयलू ने टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में कहा कि 21 पीड़ितों की पहचान की गई है और उनमें से 16 विदेशी और पांच तुर्की के हैं। अन्य 69 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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शहर के गवर्नर वासिप साहिन ने कहा है कि उसने बेकसूर लोगों पर बेहद निर्ममता से गोलीबारी की जो यहां नवसाल का जश्न मनाने आए थे। दोगन समाचार एजेंसी ने बताया कि वहां सांता क्लॉज के भेष में दो हमलावर थे। हालांकि इसकी पुष्टि की जानी बाकी है।

साहिन ने कहा कि ओर्ताकोए जिले में स्थानीय समयानुसार तड़के एक बजकर करीब 45 मिनट पर रियाना नाइटक्लब में हमला किया गया। उन्होंने कहा कि जो आज हुआ वह एक आतंकी हमला है।  Istanbul1_GE_010117

इस्तांबुल में 2016 में कई हमले देखे। इनमें दिसंबर में यहां के एक स्टेडियम में हुए दो बम धमाकों में कम से कम 38 लोगों की मौत, जबकि 155 घायल हो गए थे। जून में हुए आतंकी हमला में 45 लोग मारे गए थे और जिसे आईएस के तीन संदिग्ध आतंकियों ने इसके मुख्य अतातुर्क हवाईअड्डे पर अंजाम दिया था।

First published: January 1, 2017
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