वीजा बैन के फैसले पर ट्रंप को बड़ा झटका, ऊपरी अदालत ने ठुकराई अपील

भाषा
Updated: February 5, 2017, 7:14 PM IST
वीजा बैन के फैसले पर ट्रंप को बड़ा झटका, ऊपरी अदालत ने ठुकराई अपील
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने रविवार को उनके प्रशासन के आग्रह को ठुकरा दिया.
भाषा
Updated: February 5, 2017, 7:14 PM IST
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने रविवार को उनके प्रशासन के आग्रह को ठुकरा दिया. इसमें मांग की गई थी कि सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर यात्रा बैन को तुरंत बहाल किया जाए.

न्याय विभाग के वकीलों ने सैन फ्रांसिस्को स्थित नौवीं सर्किट से संबंधित अमेरिकी अपीली अदालत में निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें जिसमें सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर यात्रा बैन लगाने वाले उनके विवादास्पद शासकीय आदेश के क्रियान्वयन पर अस्थायी रोक लगाई गई है.

अपीली अदालत ने कहा कि बैन को चुनौती देने वाले कल तक अपील का जवाब दें और न्याय विभाग एक प्रति उत्तर दें. पराये लोगों को स्वीकारने या नकारने को राष्ट्रपति का पूर्ण अधिकार करार देते हुए न्याय विभाग के वकीलों ने अदालत को बताया कि वॉशिंगटन और मिनेसोटा प्रांतों को बैन को चुनौती देने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासकीय आदेश को न्यायाधीश का रोकना गलत है.

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कार्यवाहक सॉलीशीटर जनरल नोएल फ्रांसिस्को ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) की न्यायिक अपेक्षा किया जाना विदेश मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन (इमिग्रेशन) को लेकर राजनीतिक शाखाओं के संवैधानिक अधिकार में नाजायज घुसपैठ होगी. ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों और शरणार्थियों के देश में प्रवेश को रोकने वाले ट्रंप के आदेश पर देशव्यापी अस्थायी रोक लगाने के सिएटल के संघीय जज जेम्स रॉबर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी.

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अदालत के शुक्रवार को आये फैसले के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा नियुक्त किये गये अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स रॉबर्ट की ट्विटर पर खिल्ली उड़ाते हुये उन्हें ‘‘तथाकथित जज’’ बताया और कहा कि उनका ‘‘बेतुका’’ फैसला पलट जाएगा। अदालत के निर्णय के बाद गृह सुरक्षा विभाग ने घोषणा की कि उसने आव्रजन आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया है और वह यात्रियों की जांच की पहले लागू प्रक्रिया ही बहाल करेगा। साथ ही उसने न्याय विभाग से ‘जितनी जल्दी हो सकें’, इस फैसले को चुनौती देने का अनुरोध किया था।

ट्रंप ने विश्वास जताया था कि उनका प्रशासन इस फैसले के खिलाफ अपील जीत जाएगा. उन्होंने कहा कि हम जीत जाएंगे. देश की सुरक्षा के लिए हम जीत जाएंगे. उन्होंने ट्विटर पर अपने दो करोड़ 37 लाख फॉलोअर्स से कहा कि चूंकि एक जज ने बैन हटा दिया है, कई बुरे और खतरनाक लोग हमारे देश में घुस सकते हैं. एक भयानक फैसला.



उधर, विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका पूरी तरह से संवैधानिक संकट के कगार पर पहुंच गया है. पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में धर्म की शोधार्थी (रिसर्चर्स) और संवैधानिक मामलों की वकील मार्सी हैमिल्टन ने कहा कि यह राष्ट्रपति और संविधान के बीच असाधारण टकराव है. विदेश विभाग ने कहा है कि जिनके पास वैध वीजा है, वे देश में एंट्री कर सकते हैं.

वकीलों ने प्रभावित देशों के यात्रियों को अप्रत्याशित कानूनी लड़ाई के कारण अमेरिका आने के लिए जल्द से जल्द विमान में सवार होने की सलाह दी है. इस बीच लंदन और पेरिस से लेकर न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन तक के हजारों लोगों ने ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किए. ट्रंप के विवादित शासकीय आदेश के तहत ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों के अमेरिका में दाखिल होने पर कम से कम 90 दिनों तक के लिए रोक की बात की गई थी.
First published: February 5, 2017
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