अमेरिकी संसद में पाक को आतंकवाद फैलाने वाला देश घोषित करने की मांग

भाषा
Updated: March 10, 2017, 6:17 PM IST
अमेरिकी संसद में पाक को आतंकवाद फैलाने वाला देश घोषित करने की मांग
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भाषा
Updated: March 10, 2017, 6:17 PM IST
अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रभावशाली सांसद और सदन की आतंकवाद संबंधी उपसमिति के अध्यक्ष टेड पो ने पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाला देश घोषित करने की मांग की है. टेड ने गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया है जिसमें मांग की गई है कि अमेरिका को पाकिस्तान के खिलाफ अपनी नीतियों को बदलना चाहिए.

टेड के विधेयक का नाम 'पाकिस्तान स्टेट स्पांसर ऑफ टेरेरिज्म एक्ट :एचआर' था और उन्होंने सदन में इसके पक्ष में मजबूत तर्क भी दिए. विधेयक पेश करते हुए टेड ने कहा कि पाकिस्तान न सिर्फ गैरभरोसेमंद देश है, बल्कि इस्लामाबाद ने कई सालों तक अमेरिका के शत्रुओं का साथ भी दिया है.

ओसामा को पाकिस्तान ने ही दिया आश्रय
कांग्रेस में बोलते हुए टेड ने कहा कि पाकिस्तान ने ही ओसामा बिन लादेन और हक्कानी नेटवर्क को अपने यहां आश्रय दिया. ओसामा और हक्कानी दोनों से ही उसकी सरकार के नजदीकी रिश्तों के सबूत मौजूद हैं. टेड ने आगे कहा कि यही सही वक़्त है जब हमें उसकी धोखाधड़ी का बदला चुकाते हुए उसे और मदद देना बंद कर देना चाहिए.

क्या कहता है ये विधेयक
इस विधेयक में कहा गया है ट्रंप सरकार को 90 दिन का समय देकर उसे ये साबित करने के लिए कहा गया है कि आखिर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने में किस तरह सहयोग दिया है. सरकार की इस रिपोर्ट के बाद ये तय किया जाए कि पाकिस्तान को 'आतंकवाद फैलाने वाला देश' का दर्जा दिया जाए या नहीं.

टेड पाकिस्तान के खिलाफ बना रहे हैं माहौल
टेड ने 'द नेश्नल इंटरेस्ट मैग्जीन' में जेम्स क्लाड के साथ संयुक्त रूप से एक आर्टिकल लिख पाकिस्तान के साथ संबंधों को पुन:परिभाषित करने कर मांग की है. जेम्स भी जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में रक्षा विभाग में उप सहायक मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान के बर्ताव को बदलने के सारे प्रयास असफल हो चुके हैं और अब वक्त है कि अमेरिका खुद अपने दखल की सीमा को निर्धारित करें. इन दोनों का ये भी मानना है कि पाकिस्तान की वजह से ही अक्सर अमेरिका और भारत के रिश्ते तल्ख़ बने रहते हैं.
First published: March 10, 2017
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