समंदर में अमेरिका का खुफिया जाल, युद्ध के समय पानी में भी नहीं टूटेगा नेटवर्क

News18India
Updated: January 16, 2017, 10:22 PM IST
समंदर में अमेरिका का खुफिया जाल, युद्ध के समय पानी में भी नहीं टूटेगा नेटवर्क
अमेरिकी रक्षा विभाग समंदर में खुफिया संचार नेटवर्क बना रही है। इस योजना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है।
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Updated: January 16, 2017, 10:22 PM IST
नई दिल्ली। अमेरिकी रक्षा विभाग समंदर में खुफिया संचार नेटवर्क बना रही है। इस योजना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है जिसका मकसद दुश्मन से महफूज वायरलेस और इंटरनेट लाइन को खोलना है। इसीलिए समंदर के एक गुप्त इलाके में तैरते हुए एंटीना और बिजली बनाने वाले उपकरण डाले गए हैं।

इस नेटवर्क को इसलिए बनाया जा रहा है ताकि जब दुश्मन अमेरिकी सैटेलाइट को मार गिराए, जीपीएस सिस्टम को जाम कर दे और दुनिया के तमाम हिस्सों तक इंटरनेट पहुंचाने वाले समंदर में लगे ऑप्टिक फाइबरों को भी नकारा बना दे तब भी अमेरिकी नौसेना, वायुसेना और जवानों का संपर्क मुख्यालय से नहीं टूटेगा।

यानी सैटेलाइटों को जाम करने् के बावजूद दुश्मन दुनिया भर में फैली अमेरिकी सेनाओं को अलग-थलग नहीं कर पाएगा। इसी मकसद से अमेरिका ने टूना (Tactical Undersea Network Architectures) नाम का खुफिया प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके पहले चरण में एंटीना वाले खास तरह के संचार-यंत्र समंदर में डाले गए जो एक लंगर की मदद से सतह से जुड़े रहते हैं। ये बहुत ही बारीक ऑप्टिकल फाइबर से जुड़े हैं।

इनकी मदद से अमेरिकी सेना का संचार नेटवर्क नहीं टूटेगा। इन्हें बिजली देने के लिए नारंगी रंग के खास जेनरेटर भी तैरेंगे जो समंदर के पानी से बिजली बना कर संचार यंत्र को हमेशा चालू रखेंगे।
First published: January 16, 2017
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