अग्नि-5 के बाद आकाश की ताकत ने उड़ाई चीन की नींद, चुभ रही वियतनाम से भारत की दोस्ती

News18India
Updated: January 12, 2017, 11:47 PM IST
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Updated: January 12, 2017, 11:47 PM IST
नई दिल्ली। भारत की बढ़ती ताक़त से चीन डरा हुआ है। ख़ौफ़ हो भी क्यों न? टक्कर भारत से जो है। दरअसल भारत ने वियतनाम को अपनी आकाश मिसाइल बेचने का प्रस्ताव दिय़ा है। लेकिन इसी बात ने चीन की त्योरियां चढ़ा दी हैं। उसे डर है कि भारत, वियतनाम के ज़रिए उसे घेर लेगा। उस पर भारी पड़ जाएगा। भारत एक के बाद एक चीन को झटके दे रहा है। हाल ही में भारत ने अग्नि -5 परमाणु मिसाइल का परीक्षण किया था। अग्नि 5 की मारक क्षमता 5 हज़ार किमी से ज्यादा है। इस मिसाइल की जद में पूरा चीन आता है। अग्नि -5 के सफल परीक्षण ने पहले ही चीन की नींद उड़ाई हुई थी लेकिन अब वियतनाम को आकाश मिसाइल मिलने की बात ने उसकी घबराहट खीझ में बदल गई है। लिहाज़ा अब वो भारत को धमकी देने पर उतर आया है।

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना के अख़बार ग्लोबल टाइम्स के लंबे-चौड़े लेख में भारत को चेतावनी दी गई है। चीन ने कहा है कि अगर भारत, वियतनाम को मिसाइल बेचेगा तो चीन हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेगा। उसका कहना है कि भारत और वियतनाम के बीच रक्षा समझौता इलाक़े में शांति और स्थिरता के लिए ख़तरा है। अख़बार के लेख में लिखा गया है कि अगर भारत सरकार वियतनाम से रक्षा संबंधों को चीन से बदला लेने के लिए इस्तेमाल करेगी तो इससे इलाके में अस्थिरता पैदा होगी। भारत ये समझने की भूल बिल्कुल भी न करे कि चीन ये सब ख़ामोश होकर देखेगा।

ज़मीन से आसमान में मार करने वाली आकाश मिसाइल देश की पहली ऐसी मिसाइल है जो भारत में ही बनी है। आकाश बेशक छोटी रेंज की सुपरसोनिक मिसाइल है लेकिन दुश्मन के ख़ात्मे का पूरा माद्दा रखती है। इसकी ताक़त ऐसी है कि ये 25 किमी तक आसमान से आते ख़तरे को पल भर में ख़त्म कर सकती है। फिर चाहे वो विमान हो, या हेलीकॉप्टर या फिर ड्रोन। आकाश मिसाइल भारत के पूरे आकाश की रखवाली है। आकाश मिसाइल की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि ये एक साथ अलग-अलग दिशा से आते कई दुश्मनों को नेस्तोनाबूद कर सकती है। आकाश में लगा महज़ एक रडार आसमान में छिपे 64 दुश्मनों को खोज सकता है। आकाश मिसाइल किसी भी तरह के मौसम में कारगर साबित होती है।

जब भारत और वियतनाम के बीच आकाश मिसाइल का सौदा फाइलों में है तो चीन डरा हुआ है। वियतनाम चीन का पड़ोसी देश है और दक्षिण चीन सागर पर हक़ को लेकर दोनों में ठनी हुई है। चीन ने इस सागर में अवैध कब्ज़ा किया हुआ है और इसीलिए वियतनाम को आकाश मिसाइल मिलने से चीन को ख़ुद पर ख़तरे के बादल मंडराते दिख रहे हैं।

भारत की सुपरसोनिक क्रूज़ ब्रह्मोस मिसाइल की डील की भी ख़बर है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज़ एंटी शिप क्रूज़ मिसाइल है। भारत ने वियतनाम को वरुणअस्त्र नाम की एंटी-सबमरीन टॉरपीडो बेचने की भी पेशकश की है। साथ ही, भारत वियतनाम की सेना को पनडुब्बी चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहा है और जल्द ही वियतनामी फ़ाइटर पायलट को सुखोई फाइटर जेट उड़ाने की भी ट्रेनिंग देगा। एमटीसीआर से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद भारत अब हथियारों के बाज़ार में उतर रहा है। और इस लिहाज़ से वियतनाम भारत के लिए बड़ा बाज़ार है क्योंकि शीत युद्ध के बाद वियतनाम अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने में लगा है। और अपने पड़ोसी के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी देखकर चीन बेचैन हो चुका है।

चीन का पड़ोसी होने के नाते वियतनाम भारत की लुक ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर वियतनाम को आकाश मिसाइल बेचने का सौदा पक्का हो जाता है तो भारत को वियतनाम के कैम रैन्ह खाड़ी में पहुंच मिल सकती है। ये खाड़ी दक्षिण चीन सागर में है और भारत यहां तेल और गैस की खोज में लगा है। इसी बात से चीन बेचैन हो उठा है।
First published: January 12, 2017
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