ड्रैगन से पिछड़ा भारत, चीन बना रहा दुनिया का सबसे तेज कंप्‍यूटर

आईएएनएस

Updated: February 21, 2017, 2:06 PM IST
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टेक्‍नॉलॉजी तेजी से अपग्रेड हो रही है. डिजिटल होती दुनिया में चीन तेजी से आगे निकल रहा है. चीन एक ऐसे सुपरकंप्यूटर को बना रहा है, जो दुनिया में किसी भी कंप्‍यूटर से 10 गुणा ज्‍यादा स्‍पीड से काम करेगा. इस कंप्‍यूटर की स्‍पीड उसके पहले सबसे फास्‍ट कंप्‍यूटर 'सनवे तइहुलाइट' से भी तेज होगी.

इस सेंटर ने बनाया कंप्‍यूटर

ड्रैगन से पिछड़ा भारत, चीन बना रहा दुनिया का सबसे तेज कंप्‍यूटर
चीन एक ऐसे सुपरकंप्यूटर को बना रहा है जो दुनिया में किसी भी कंप्‍यूटर से 10 गुणा स्‍पीड से काम करेगा. इस कंप्‍यूटर की स्‍पीड उसके पहले सबसे फास्‍ट कंप्‍यूटर 'सनवे तइहुलाइट' से भी तेज होगी.

यह सुपरकंप्‍यूटर चीन के नेशनल सुपर कंप्यूटर तियानजिन सेंटर में बन रहा है. सेंटर के डायरेक्‍टर मेंग शियानफेई ने कहा- वे इस साल तक ऐसे फास्‍टेस्‍ट सिस्‍टम का निर्माण करेंगे. शियानफेई के मुताबिक चीन की यह कोशिश है कि वह दुनिया के पहले प्रोटोटाइप एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर 'तिन्हे-3' के प्रोडक्‍शन के लिए हाई परफॉरमेंस वाले प्रोसेसर और दूसरी अहम टैक्‍नॉलॉजी हासिल कर पाए.

2018 में बन पाएगा कंप्‍यूटर

चाइना डेली की रपट के मुताबिक, प्रोटोटाइप के 2018 तक पूरा होने की संभावना है. इस सिस्‍टम में 'एक्सास्केल' का मतलब है कि यह एक क्यूटीलियान (एक के बाद 18 से 0 तक) परसेकेंड कैल्‍कुलेशन कर सकता है. यह वर्ल्‍ड के मौजूदा स्पीड चैंप 'सनवे तइहुलाइट' से कम से कम 10 गुना तेज होगा. यह चीन का पहला सुपरकंप्यूटर होगा, जिसमें घरेलू डिजाइन प्रोसेसर का इस्तेमाल होगा.

दुनिया का सबसे तेज कंप्‍यूटर

मेंग ने कहा, "यह गणना शक्ति अगले लैवल पर है, जो चाइना को वर्ल्‍ड के सबसे फास्‍ट सुपरकंप्यूटर हार्डवेयर के रूप में जोड़ेगी. उन्होंने कहा कि यह यूजर को आसानी से उपलब्ध होगा और वर्ल्‍ड की कुछ बेहद जटिल साइंटिफिक चुनौतियों से ज्‍यादा तेज स्‍पीड, एक्‍यूरेसी और ब्रॉड लैवल पर साल्‍यूशन निकाल सकेगा.

चीन ने दी अमेरिका को मात

भारत सुपरकंप्‍यूटर बनाने की रेस में कहीं भी नहीं है. कुछ समय पहले ही आरमैक्स स्कोर के तहत वलर्ड के जिन टॉप पांच सौ सुपर कंप्यूटर की सालाना लिस्‍ट में भी चीन के सुपर कंप्यूटर लगातार सातवीं बार टॉप पर रहे और दुनिया में सबसे फास्‍ट सिस्‍टम बन गए हैं. यही नहीं चीन ने घरेलू टेक्‍नॉलॉजी के जरिये अमेरिका को भी पीछे कर दिया है.

दुनिया में सबसे ज्‍यादा चीन के पास

सुपर कंप्‍यूटर की रेस में इंडिया कहीं नहीं है. डिजिटल इंडिया के नारे में देश जमीनी स्‍तर पर चीन के आगे कुछ भी नहीं है. मौजूदा वक्‍त में भारत सुपरकंप्‍यूटर की संख्‍या के मामले में चीन और अमेरिका से काफी पीछे है.  चीन के पास दुनिया में सबसे ज्‍यादा 167 सुपर कंप्यूटर हैं, जबकि अमेरिका के 165 सुपर कंप्यूटर हैं और वह दूसरे नंबर है.

पिछड़ा भारत, केवल 9 कंप्‍यूटर

भारत के पास केवल 9 कंप्‍यूटर हैं और स्‍पीड के मामले में वह बहुत ही पिछड़े हुए हैं. अहम बात यह है कि इंडिया लगातार डिजिटल होने का रोग अलाप रहा है, जबकि उसकी मोबाइल, कंप्यूटिंग और ई-कॉमर्स से लेकर स्‍पेस टेक्‍नॉलॉजी का डेवलपमेंट सभी कंप्यूटिंग पर टिका हुआ है.

First published: February 21, 2017
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