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देश Nov 23, 2016, 12:18 PM

ये जेल नहीं किसी इंस्टीट्यूट से कम, यहां कैदियों को करवाए जाते हैं ये कोर्स

आमतौर पर जेल की सलाखों के बारे में हमारी सोच है कि यहां पर यातनाएं, प्रताड़नाएं और जिंदगी के पहियों को रोकने वाला क्रूर वक्त मंडराता रहता है. शारीरिक तौर पर लोग बेशक खुशमिजाज नजर आते हों, लेकिन हर चेहरे के पीछे इस चारदीवारी का खौफ बरकरार रहता है. इसी खौफ को मिटाने के लिए और जेल के उबाऊ वक्त से निजात दिलाने और बंदियो को समाज की मुख्यधारा में जोडने के लिए रोहतक जेल में कुछ ऐसे प्रयास किए गए हैं, जिससे बंदियों की जिंदगी को एक नई दिशा मिल गई है.