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राजस्थान में किसानों का आंदोलन हुआ आक्रामक, जयपुर में गिरफ्तारियां


Updated: June 19, 2017, 4:11 PM IST
राजस्थान में किसानों का आंदोलन हुआ आक्रामक, जयपुर में गिरफ्तारियां
जयपुर में गिरफ्तारी देते किसान.

Updated: June 19, 2017, 4:11 PM IST
राजस्थान में अपनी मांगों के लिए आठ शहरों में महापड़ाव डाले बैठे किसानों ने सोमवार से सरकार को सीधी चुनौती देना शुरू कर दिया. सैकड़ों किसानों ने जयपुर में गिरफ्तारियां देते हुए प्रदेशभर में आंदोलन को आक्रामक करने का आह्वान कर दिया. इसी के साथ भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में मंगलवार से प्रदेशभर में 'ग्राम से संग्राम' आंदोलन शुरू होगा.
प्रदेश में 15 जून से महापड़ाव पर बैठे किसानों को अपनी मांगों को लेकर सरकार से अभी तक कोई खास आश्वासन नहीं मिला है. और किसान संघ ने अब सरकार से अपनी मांगे मनवाने के लिए नई रणनीति बनाई है. राजधानी के बलराम भवन स्थित प्रदेश कार्यालय में रविवार को इसी रणनीति पर चर्चा हुई और आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से आक्रामक रुख पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया.

20 जून से प्रदेश में 'ग्राम से संग्राम'
किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष मणीलाल लबाना के अनुसाार प्रदेश की सभी जिला टोलियों को सहमती, सुझाव हेतु रणनीति के प्रारूप को भेजा गया और उनकी स्वीकृति को सहमती मानते हुए तथा उनके सुझावों के आधार पर कोर कमेटी ने रणनीति में आवश्यक बदलाव कर अंतिम स्वरूप तैयार किया गया. नई रणनीति के तहत आन्दोलन को आगे बढाने के लिए अब प्रदेश भर में सभांग के बजाय आन्दोलन का केन्द्र गांवों को रखते हुए 20 जून से प्रदेश भर में 'ग्राम से संग्राम' के शुरू किया जाएगा. इसके तहत प्रथम चरण में मण्डियों को बन्द करने, नगर बन्द करने व सड़को पर प्रदर्शन करने, मानव श्रृखंला बनाकर घेराव, गिरफ्तारियां देने एवं क्षेत्र में जाने वाले मंत्रियों का बहिष्कार और विरोध करने का निर्णय लिया गया.

Bharatiya Kisan Sangh

(जयपुर में गिरफ्तार किसान.)

सरकार ने नहीं सुनी तो 'नींद उड़ाओं कार्यक्रम'
किसान संघ के अनुसार लगातार चलने वाले आन्दोलन के द्वितीय चरण में यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार के खिलाफ 'नींद उड़ाओं कार्यक्रम' शुरू किया जाएगा. बता दें कि राजस्थान प्रदेश के अधिवेशन के दौरान 19 मई को आन्दोलन की घोषणा की गई थी और 15 जून से किसानों के संभाग मुख्यालयों पर आन्दोलनरत है.

Bharatiya Kisan Sangh

(किसान संघ का जयपुर में कैंडल मार्च.)
First published: June 19, 2017
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