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देश के लिए तीन गोल्ड जीतने वाला ये एथलीट 3 साल से नहीं गया है घर

sambrat chaturvedi
Updated: March 29, 2017, 1:15 PM IST
देश के लिए तीन गोल्ड जीतने वाला ये एथलीट 3 साल से नहीं गया है घर
फोटो- सुंदर सिंह गुर्जर.
sambrat chaturvedi
Updated: March 29, 2017, 1:15 PM IST
दुबई के फाजा खेलों में हाल ही एक के बाद एक कुल तीन गोल्ड मेडल जीतने वाले राजस्थान के पैरा एथलीट सुंदर सिंह गुर्जर को कौन नहीं जानता लेकिन इस बात से बहुत कम लोग वाकिफ होंगे की वे पिछले 3 सालों से अपने घर नहीं गए हैं.

जी हां, फाजा में 19 से 23 मार्च तक आयोजित हुए नौवें इंटरनेशनल पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाले सुंदर पिछले तीन साल से जयपुर में रह रहे है और अपने माता-पिता के पास घर नहीं गए हैं. जैवलिन थ्रो(60.33 मीटर), डिस्कस थ्रो( 46 मीटर) और शॉटपुट(13.46 मीटर) में शानदार प्रदर्शन करने वाले सुंदर ने न्यूज18हिंदी से बातचीत में यह खुलासा किया है. सुंदर ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले संकल्प लिया था कि जब तक पैरालिंपिक में देश के लिए मेडल नहीं जीतकर आता तब तक घर नहीं जाऊंगा.
ब्राजील में संकल्प पूरा होते-होते रह गया
सुंदर बताते हैं कि पिछले साल रियो डी जेनेरियो में पैरा ओलंपिक गेम्स में उनका यह संकल्प पूरा होते-होते रह गया. उन्होंने बताया, जैवलिन थ्रों में तब मैं वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी 10 मीटर से आगे था. लेकिन रिजल्ट मेरे पक्ष में नहीं आया, कुछ लोगों(स्पोट‌र्स एथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों) की गलती से मैं खेल ही नहीं पाया.

बुरी तरह टूट चुका था, दो महीने तक मैदान में घुमता रहा
सुंदर ने बताया कि रियो डी जेनेरियो से लौटने के बाद मैं बुरी तरह से टूट चुका था. ऐसा लग रहा था जैसे मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो गई, मैं अब कैसे जिऊंगा, मेरे संकल्प का क्या होगा? मेरे साथ बहुत बुरा रहा. मैं खाना भी नहीं खा पा रहा था. तब मुझे कोच महावीर सैनी ने फिर से खेलने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने करीब दो महीने तक मुझे काउंसलिंग दी. इस दौरान में उनके साथ स्टेडियम तो आता लेकिन प्रेक्टिस के बजाया घुमकर लौट जाता.
ट्रायल में वर्ल्ड रिकॉर्ड से आगे निकाल तो विश्वास नहीं हुआ
कोच महावीर सैनी की कोशिशों के बाद मैं फिर से दोगुने उत्साह के साथ मैदान में उतरा. मुझे पहली बार खुद पर विश्वास नहीं हुआ जब स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सोनीपथ रीजनल सेंटर पर हुए ट्रायल में मैंने वर्ल्ड रिकॉर्ड से अच्छा प्रदर्शन किया. इसके बाद मैंने फाजा की तैयारी में लगा गया और अब तीनों खेलों में गोल्ड मेडल लेकर लौटा हूं.
First published: March 28, 2017
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