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हाईकोर्ट ने दिए प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को आदेश, कहा- माफियाओं पर कसे शिकंजा

Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 12:25 PM IST
हाईकोर्ट ने दिए प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को आदेश, कहा- माफियाओं पर कसे शिकंजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल फोटो
Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 12:25 PM IST
अपराधियों और माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए है. वहीं हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को दिया आदेश देते हुए कहा है कि शातिर अपराधियों की जमानत के सिद्धांत तय कर 2 माह में एडवाइजरी और सर्कुलर जारी करे.

वहीं कोर्ट ने कहा कि शियाट्स हमले और हाथरस हत्या मामले के पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा का आदेश देते हुए सम्बंधित जिलों के एसएसपी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है. कोर्ट ने कहा अपराधों की निष्पक्ष विवेचना के मानक तय कर त्वरित कार्यवाई हो. जिससे पीड़ितों का पुलिस पर विश्वास कायम हो सके.

कोर्ट ने विवेचना की खामी की शिकायत पर पुनर्विवेचना की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाये. बता दें, कि
शियाट्स नैनी के प्रॉक्टर राम किशन सिंह और हाथरस के राम हरि शर्मा ने दाखिल की थी याचिका. जिसमें शियाट्स हमले में बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद आरोपी हैं.

हाथरस में हुई चिराग उपाध्याय के काफिले पर हमले में मौत के आरोपी पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल हैं,
कोर्ट ने दर्जनों हत्या अपहरण के आरोपियों को जमानत मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए आपत्ति की है और कहा है कि अपराध पर अपराध करने वालों की जमानत नहीं होनी चाहिए.

वहीं जमानत का दुरूपयोग करने वालो की जमानत निरस्त होनी चाहिये. इस मामले में चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिका निस्तारित की.
First published: May 20, 2017
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