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मेरे कहने पर गिराया गया था अयोध्या में विवादित ढांचा: रामविलास वेदांती

News18Hindi
Updated: April 21, 2017, 1:15 PM IST
मेरे कहने पर गिराया गया था अयोध्या में विवादित ढांचा: रामविलास वेदांती
पूर्व बीजेपी सांसद डॉ रामविलास वेदांती
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Updated: April 21, 2017, 1:15 PM IST
बीजेपी के पूर्व सांसद और बाबरी विवादित ढांचा गिराने के आरोपी डॉ रामविलास दास वेदांती ने नया दांव खेलते हुए वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार को बचाने की कोशिश की है.

वेदांती ने पूरे मामले का आरोप अपने ऊपर लेते हुए कहा है कि उनके और महंत अवैधनाथ व अशोक सिंघल के कहने पर 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में विवादित ढांचा को गिरा दिया था.

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वेदांती ने कहा कि उस समय लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार समेत अन्य आरोपी बीजेपी और विहिप के नेता कारसेवकों को उकसा नहीं रहे थे, बल्कि वे उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे थे.

वेदांती ने कहा, “मैंने, महंत अवैधनाथ और अशोक सिंघल ने ही कारसेवकों को उकसाते हुए कहा था कि एक धक्का और दो, विवादित ढांचा गिरा दो.” उन्होंने कहा कि वहां पर कोई मस्जिद नहीं थी, सिर्फ एक विवादित ढांचा था जिसे उनके कहने पर कारसेवकों ने गिरा दिया था. आरोपी महंत अवैधनाथ और अशोक सिंघल का निधन हो चुका है.

वहां कोई मस्जिद नहीं थी, मंदिर का खंडहर था

वेदांती ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है कि मस्जिद तोड़ी गई. उस जगह पर मस्जिद थी ही नहीं. वहां एक ढांचा था जो राम मंदिर का खंडहर था. जिसे वहां नया राम मंदिर बनाने के लिए तोड़ दिया गया.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, “ अब देश और प्रदेश में बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है. लिहाजा वे रामजन्मभूमि न्यास को उसकी 67 एकड़ की जमीन वापस कर दें. जिससे वहां भव्य मंदिर बनाया जा सके.”

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शुक्रवार को वेदांती का आया यह बयान बीजेपी और विहिप के वरिष्ठ नेताओं को बचाने की एक कोशिश की तौर पर देखा जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने आडवाणी समेत 10 पर आपराधिक मामला चलाने का दिया है आदेश

बता दें इससे पहले बुधवार को 1992 बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए कहा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाया जाएगा. इस मामले में सिर्फ कल्याण सिंह को इम्युनिटी दी गई है क्योंकि वो फिलहाल गवर्नर हैं. हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि वो इस्तीफ़ा देने पर विचार कर सकते हैं.

बाबरी विध्वंस मामले में 10 आरोपियों पर धारा 120 बी के तहत आपराधिक मामला चलाया जाएगा. साथ ही इस मामले की सुनवाई कर रहे जजों का ट्रांसफर तबक नहीं होगा जबतक सुनवाई पूरी नहीं हो जाती. कोर्ट ने नाम लेकर कहा कि आडवाणी और जोशी समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा लखनऊ की अदालत में चलाया जाएगा. कोर्ट ने इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए ये भी फैसला लिया है कि केस की रोजाना सुनवाई की जाएगी. सीबीआई को भी 4 हफ़्तों के भीतर केस रजिस्टर्ड कर कार्रवाई शुरू करनी होगी.

न्यायाधीश पीसी घोष और न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन की संयुक्त पीठ ने मामले में सीबीआई की अपील पर यह फैसला सुनाया है. पीठ ने कहा कि 2 साल में मामले की सुनवाई पूरी की जाए. इसके साथ ही रायबरेली से लखनऊ केस ट्रांसफर कर दिया गया है साथ ही मामले से जुड़े जजों के तबादले पर रोक लगा दी गई है. सीबीआई को आदेश दिया है कि इस मामले में रोज उनका वकील कोर्ट में मौजूद रहेगा.
First published: April 21, 2017
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