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कभी भाजपा के थे कट्टर 'दुश्मन', अब योगी सरकार में मिला बड़ा ओहदा

News18Hindi
Updated: March 20, 2017, 8:50 AM IST
कभी भाजपा के थे कट्टर 'दुश्मन', अब योगी सरकार में मिला बड़ा ओहदा
उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले अधिकांश दिग्गजों को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजा गया है.
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Updated: March 20, 2017, 8:50 AM IST
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले अधिकांश दिग्गजों को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजा गया है. जो कभी दूसरे दलों के दिग्गज चेहरा हुआ करते थे. लेकिन योगी सरकार ने मंत्री पद देकर सम्मान दिया.

दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई नेता कभी भारतीय जनता पार्टी की खूब तीखी आलोचना किया करते थे. उनके भाषण में भाजपा के खिलाफ नफरत साफ झलकती थी. वे अपने भाषणों में बीजेपी को जमकर कोसा करते थे. लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उनके सुर ही बदल गए.

रीता बहुगुणा जोशी
कांग्रेस का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आईं रीता बहुगुणा जोशी ने मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव को राजधानी की लखनऊ कैंट सीट से हराया. यही वजह है कि रीता बहुगुणा जोशी को योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के तौर पर जगह मिली है.

दारा सिंह चौहान
दारा सिंह चौहान बहुजन समाज पार्टी से एक बार लोकसभा सदस्य और दो बार राज्यसभा में रह चुके हैं. उन्होंने फरवरी 2016 में भाजपा का दामन थाम लिया और मऊ की मधुबन सीट से चुनाव जीता. योगी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया है.

स्वामी प्रसाद मौर्य
कभी बीएसपी के कद्दावर नेता रहे स्वामी प्रसाद मौर्या मायावती के थिंक टैंक्स माने जाते थे. वे 16वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे. बाद में मायावती से अचानक बढ़ी दूरियों के बाद बीएसपी से नाता तोड़ लिया और भाजपा में शामिल हो गए. पंडरौना से विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है.

एसपी बघेल
बीएसपी से राज्यसभा के सदस्य एसपी बघेल ने अपने करीब सवा दो साल के कार्यकाल की कुर्बानी दे दी और भाजपा का दामन थाम लिया. बीजेपी ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया है.

बृजेश पाठक
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र संघ से राजनीति शुरू करने वाले बृजेश पाठक ने अगस्त 2016 में बीजेपी में शामिल हो गए और 2017 में लखनऊ मध्य से विधानसभा चुनाव जीत कर योगी मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने.

लक्ष्मी नारायण चौधरी
लक्ष्मी नारायण चौधरी मथुरा की छाता विधानसभा सीट से चुन कर आए हैं, इससे पहले वह बीएसपी में थे. वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए.

नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’
नंद गोपाल नंदी 2007 में बीएसपी से चुनकर विधानसभा में पहुंचे थे. नंदी मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. जनवरी 2017 में वह बीजेपी में शामिल हो गए. इलाहाबाद दक्षिण सीट से विधायक नंदकुमार नंदी को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है.

धर्म सिंह सैनी
डॉ. धर्म सिंह सैनी लगातार चौथी बार जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं. इससे पहले वह 14वीं, 15वीं, और 16वीं विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. पिछले साल सितंबर 2016 में बसपा छोड़ कर भाजपा का दमन थाम लिया और भाजपा सरकार में मंत्री पद हासिल कर लिया.

अनिल राजभर
अनिल राजभर पीएम मोदी के क्षेत्र वाराणसी की शिवपुर विधानसभा क्षेत्र से चुन कर आए हैं. उन्हें कई वरिष्ठ लोगों को नजरअंदाज करके टिकट दिया गया था. अनिल राजभर बीजेपी से पहले समाजवादी पार्टी में थे.

गौरतलब है कि रविवार को योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर राज्यपाल राम नाइक ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

योगी के साथ ही राज्यपाल ने दो डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा) सहित कुल 48 मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. इनमें 24 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्यमंत्री शामिल हैं.
First published: March 20, 2017
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