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'योगी कैबिनेट' में वरिष्ठों के साथ युवा और महिलाओं को मिलेगा मौका

Ajayendra Rajan | News18Hindi
Updated: March 19, 2017, 11:12 AM IST
'योगी कैबिनेट' में वरिष्ठों के साथ युवा और महिलाओं को मिलेगा मौका
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का ऐलान होने के बाद अब उनकी कैबिनेट में जगह हासिल करने की भी होड़ शुरू हो गई है.
Ajayendra Rajan | News18Hindi
Updated: March 19, 2017, 11:12 AM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का ऐलान होने के बाद अब उनकी कैबिनेट में जगह हासिल करने की भी होड़ शुरू हो गई है. इनमें वर्षों से पार्टी के लिए विधानसभा में सीट पक्की कर रहे वरिष्ठ नेता हैं तो पहली बार विधानसभा पहुंची युवा पीढ़ी भी है.

चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए 'बाहरी' नेता हैं तो सबसे ज्यादा महिला विधायक होने के नाते कैबिनेट में इनकी भी दावेदारी तेज होती दिख रही है. इसके अलावा बुंदेलखंड, पूर्वांचल में कमल खिलाने वाले कई नेता दावेदारों की दौड़ में शामिल हो गए हैं.

भाजपा सरकार की कैबिनेट इस बार जातिगत और क्षेत्रीय दावेदारी, अनुभवी और युवा के साथ महिला चेहरों का सही सामंजस्य बिठाता नजर आ सकता है. भाजपा में विधायकों की भारी भीड़ में मंत्री चुनना भी पार्टी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होने वाला. पार्टी में कुछ नेता ऐसे हैं, जो वर्षों से प्रदेश में पार्टी का चेहरा बने हुए हैं, वहीं कुछ नए दावेदार भी बनकर उभरे हैं, जो पहली बार विधानसभा पहुंचे.

पुराने प्रदर्शन और पार्टी में रसूख को अगर आधार मानें तो वरिष्ठ नेता हृदयनारायण दीक्षित, सुरेश खन्ना, राजेश अग्रवाल, सतीश महाना और डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल में से किसी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है. बाकी बचे नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है.

इनके अलावा सूर्य प्रताप शाही, श्रीकांत शर्मा, अवतार सिंह भड़ाना, सिद्धार्थनाथ सिंह, पंकज सिंह, धर्म पाल सिंह, फतेहबहादुर सिंह, वीरेंद्र सिंह सिरोही, रमापति शास्त्री, राजेंद्र सिंह, फागू चौहान, सुरेश राणा, आरके सिंह पटेल के नाम भी कैबिनेट के दावेदारों में शामिल हैं.

वैसे इस बार माना जा रहा है कि चूंकि कानून व्यवस्था सुधारने को लेकर भाजपा ने अपने घोषणापत्र में तमाम योजनाएं दी है, इसलिए प्रदेश में गृहमंत्री का पद भी सामने आ सकता है.

महिला विधायकों में लाल बत्ती की आस

भाजपा से इस बार 34 महिला विधायकों ने विधानसभा में इंट्री की है. कुछ नाम ऐसे हैं, जो भाजपा की जीत का प्रमुख चेहरा बने हैं. इनमें अमेठी में गरिमा सिंह और लखनऊ में मुलायम के भतीजे को हराने वाली स्वाति सिंह का नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा सपा से भाजपा आए महेंद्र अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदारों की सूची में हैं.

गठबंधन के साथियों को भी मिलेगी कैबिनेट में जगह!

चुनाव के दौरान बलिया की रैली में पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि भाजपा के सहयोगी दलों को भी सरकार बनने पर कैबिनेट में जगह दी जाएगी. चुनाव में अपना दला सोनेलाल पार्टी ने 9 विधायक जीते, जबकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 4 विधायक जीते हैं.

अपना दल से सांसद अनुप्रिया पटेल पहले ही केंद्र में मंत्री हैं. अब मंत्री बनने की होड़ में सहयोगी दलों के भी दावेदार सामने आ गए हैं. माना जा रहा है कि दोनों पार्टियों से कम से कम एक-एक व्यक्ति को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.

'बाहरी' नेता भी हैं दावेदार
मंत्री पद के दावेदारों की बात करें तो कई नेता ऐसे भी हैं, जो चुनाव से पहले ही दल बदलकर पार्टी में शामिल हुए और चुनाव भी जीते. इनमें बसपा से आए स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, कांग्रेस से आईं डॉ रीता बहुगुणा जोशी और सपा से आए महेंद्र अरिदमन सिंह प्रमुख हैं. वहीं पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह और रालोद के विधानमंडल दल के नेता रहे दलवीर सिंह की भी दावेदारी प्रमुख है.

बुंदेलखंड में विजेता हैं दावेदार

भाजपा ने बुंदेलखंड में पहली बार शानदार प्रदर्शन करते हुए ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज की है. इससे यहां के भाजपा विधायकों की दावेदारी मजबूत होती दिख रही है. यही नहीं, केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड के लिए विशेष तौर पर कई प्लानिंग कर रखी है. साथ ही भाजपा के घोषणा पत्र में भी इस क्षेत्र को अलग से जगह दी गई है.

मोदी के बनारस से भी होगा कोई मंत्री!

चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तीन दिन अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में रहे थे. वाराणसी से भाजपा ने सभी सीटों पर जीत का परचम लहराया, जिसके बाद माना जा रहा है कि यहां से भी एक नेता मंत्री पद में जगह बना सकता है. वाराणसी के अलावा पूर्वांचल में भाजपा ने इस बार कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, इसे लेकर यहां के प्रमुख नेताओं में मंत्री पद की आस जग गई है.
First published: March 19, 2017
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