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यूपी में किसकी सरकार, योगी या पीएमओ की? चर्चाओं का बाजार गर्म

News18Hindi
Updated: March 21, 2017, 4:58 PM IST
यूपी में किसकी सरकार, योगी या पीएमओ की? चर्चाओं का बाजार गर्म
उत्तर प्रदेश सरकार बनने के बाद पीएमओ की सक्रियता देखकर सत्ता के गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं आम हो चली है. सवाल उठने लगे हैं कि यूपी में किसकी सरकार है, योगी या पीएमओ की?
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Updated: March 21, 2017, 4:58 PM IST
उत्तर प्रदेश सरकार बनने के बाद पीएमओ की सक्रियता देखकर सत्ता के गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं आम हो चली है. सवाल उठने लगे हैं कि यूपी में किसकी सरकार है, योगी या पीएमओ की?

चाहे वह केंद्र के अफसरों की बढ़ी सक्रियता हो, मंत्रियों के पोर्टफोलियो के चयन हो या प्रमुख अफसरों की तैनाती, सभी जगह पीएमओ की सीधी दखल देखी जा रही है.

हालांकि विधायक और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने साफ किया है कि प्रदेश में आदित्यनाथ योगी की सरकार है, न कि किसी रिमोट से चलने वाली सरकार.

दरअसल सरकार बनने के बाद पीएमओ जिस तरह से सक्रिय हुआ है, उसे देखकर ये चर्चा आम हो चली है कि भले ही यूपी के सीएम के तौर पर आदित्यनाथ योगी को पेश किया गया हो लेकिन असल में इस प्रदेश की कमान पीएमओ के हाथ ही रहने वाली है.

चुनाव परिणाम आने के बाद खुद प्रधानमंत्री के सचिव नृपेंद्र मिश्रा के यूपी के दौरे भी इस ओर इशारा कर रहे हैं. नृपेंद्र मिश्रा लगातार उत्तर प्रदेश की सरकारी मशीनरी के संपर्क में बने हुए हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ अफसरों की तैनाती में भी उनके ही चयन को प्राथमिकता दिए जाने की सूचना है.

इसके लिए केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चल रहे यूपी कैडर के कई आईएएस अफसरों की वापसी भी तय मानी जा रही है.  इसी क्रम में मंगलवार को सीएम आदित्यनाथ योगी दिल्ली दौरे पर हैं.

माना जा रहा है कि इस दौरान मंत्रियों के पोर्टफोलियो और प्रमुख अफसरों की तैनाती को लेकर निर्णय लिया जा सकता है. इनमें गृह विभाग से लेकर ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, नगर विकास जैसे अहम विभाग किस मंत्री या उप मुख्यमंत्री के पास जाएंगे ये तय हो जाना है.

चर्चा है कि  उत्तर प्रदेश सरकार में सीएम और डिप्टी सीएम के पास प्रशासनिक अ​नुभव कम माना जा रहा है, इसलिए भी पीएमओ की तरफ से इन्हें 'सहयोग' ​दिया जा रहा है. साथ ही चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, कानून व्यवस्था हो, स्वास्थ्य या बिजली का क्षेत्र इन सभी क्षेत्रों में केंद्र के साथ बेहतर सामंजस्य से भाजपा सरकार अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.

यही कारण है कि बिजली के क्षेत्र में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अफसर लगातार यूपी के अफसरों के साथ बैठकर सुधार की रूपरेखा बनाने में जुटे हैं. इसी तरह की सक्रियता कानून व्यवस्था और शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई आदि क्षेत्रों में भी देखने को मिल रही है.
First published: March 21, 2017
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