राज्य

योगी सरकार की एक और मामले की सीबीआई जांच की तैयारी

KN Pandey | News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 6:18 PM IST
योगी सरकार की एक और मामले की सीबीआई जांच की तैयारी
लखनऊ में निर्माणाधीन जेपी सेंटर. Image: News 18 Hindi
KN Pandey | News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 6:18 PM IST
वक्फ बोर्ड मामले और गोमती रिवर फ्रंट मामले के बाद योगी सरकार ने एक और मामले की जांच सीबीआई से करने की तैयारी कर ली है.

सूत्रों के अनुसार राजधानी लखनऊ के जेपी सेंटर, जनेश्वर मिश्र पार्क और हुसैनाबाद हेरिटेज जोन बनाने में घोटलो का खुलासा हुआ है, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच के लिए सीबीआई को मामला भेजने की तैयारी है.

मामले में कमिश्नर की तकनीकि जांच में घोटाले का खुलासा हुआ है. पता चला है कि टेंडर प्रक्रिया से लेकर सामान खरीदने में जमकर बंदरबांट हुई. सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने अपने दो मंत्रियों से इस संबंध में जांच कराई थी.

पता चला कि कई देशों से उंचे दामों पर बेशकीमती सामान का आयात किया गया. जेपी सेंटर में लाखों के विदेशी लाईटें, पत्थर और टाइल्स लगे हैं.

सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस संबंध में सीएम के पास रिपोर्ट भेज दी जाएगी. इसके बाद मामल में सीबीआई जांच की सिफारिश हो सकती है.

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह सिफारिश की गई.

इतना ही नहीं न्यायिक जांच में दोषी मिले अफसरों के खिलाफ भी आपराधिक केस दर्ज कराने का फैसला लिया गया है.

गौरतलब है कि गोमती रिवर फ्रंट के लिए सपा सरकार ने 1513 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे. जिसमें से 1437 करोड़ यानी की 95 फीसदी फण्ड पहले ही जारी कर दिए गए थे. इसके बावजूद 60 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ. 19 मार्च को शपथ लेते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट का निरीक्षण किया था. उन्होंने प्रोजेक्ट की स्थिति देखकर सख्त नाराजगी व्यक्त की थी और मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए थे.

न्यायिक जांच में बताया गया कि प्रोजेक्ट के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए अधिकारीयों और अभियंताओं ने जमकर हेराफेरी की.

16 जून को न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारीयों ने पैसों के हेराफेरी के लिए जमकर आपराधिक साजिश रची.
First published: June 19, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर