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योगी सरकार शुरू करेगी नौ साल से बंद पड़ी चीनी मिल, इसके नाम दर्ज हैं कई रिकॉर्ड

ETV UP/Uttarakhand
Updated: June 19, 2017, 8:23 PM IST
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Updated: June 19, 2017, 8:23 PM IST
मथुरा के छाता में नौ साल से बंद पड़ी एकमात्र शुगर फैक्ट्री के दिन बदलने वाले हैं. बसपा सरकार द्वारा बंद की गई आगरा मंडल की इस फैक्ट्री को चालू कराने का सपा सरकार का दावा भी खोखला साबित रहा. अब यूपी की भाजपा सरकार ने लीज पर छाता शुगर मिल को चालू करने की बात कही है. सरकार के इस फैसले से स्थानीय किसान उत्साहित हैं.

उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड ने 1974 में छाता शुगर मिल नामक इस उद्योग को मथुरा के छाता कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग दो के किनारे स्थापित किया था. तत्कालीन गृहमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा स्थापित की गई यह शुगर फैक्ट्री पूरे आगरा मंडल की इकलौती शुगर फैक्ट्री थी. इस मिल में प्रतिदिन ढाई हजार बोरी चीनी का उत्पादन किया जाता था और इस कार्य को करने के लिए कुल 700 मजदूर कर्मचारी काम करते थे.

करीब 100 एकड़ विशाल भूभाग में फैली इस फैक्ट्री द्वारा गन्ना पेराई के कई रिकॉर्ड भी बनाए गए. साढे 41 लाख क्विंटल गन्ना एक सत्र में पेराई का रिकॉर्ड छाता शुगर मिल के ही नाम है. मथुरा जिले के कुल 45 हजार किसान इस शुगर फैक्ट्री से सीधे तौर जुड़े थे. तमाम रिकॉर्ड बनाने के बाद भी सन 2008-09 सत्र में तत्कालीन बसपा की मायावती सरकार में इस फैक्ट्री को घाटे की मिल बताकर बंद कर दिया गया.

तब से आज तक यह फैक्ट्री कबाड़खाने में तब्दील होती चली गई. किसानों ने फैक्ट्री को चालू कराने के लिए किसान संघर्ष समिति का गठन कर छाता से लेकर लखनऊ तक शासन प्रशासन के दरवाजे खटखटाए. नेताओं के दरवाजों पर जाकर गुहार लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला. 2012 में सपा की सरकार आई जो 2017 तक रही, लेकिन स्थिति जस की तस रही और फैक्ट्री नहीं चली.

अब योगी सरकार ने इस फैक्ट्री को फिर से चालू करने का मन बना लिया है. उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम यूपी की बन्द पड़ी तीन मिलों को इंटीग्रेटेड काम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने जा रही है. सरकार छाता सहित प्रदेश की तीन चीनी मिलों को 30 साल के लिए निजी निवेशकों को लीज पर देकर चलाने जा रही है.

सूत्रों की माने तो आगामी 22 जून को मिल चालू करने के लिए सरकार का निवेशकों से करार हो जाएगा. इस मामले पर किसान संघर्ष समिति के सदस्य भगवत स्वरूप पांडेय का कहना है कि मिल के बन्द होने से 45 हजार परिवार प्रभावित हो गए. अब इस फैक्टरी के फिर से चालू होने से यहां के किसानों की स्थिति में सुधार आएगा.

स्थानीय किसान चंद्रपाल सिंह यदुवंशी के बताया कि शुगर मिल का बंद होना, किसानों के निवाले छीनने जैसा था. अब सरकार इसे चालू कर रही है, ये किसानों के हित की बात है. स्थानीय निवासी पूरन कौशिक का कहना है कि सरकार छाता शुगर मिल को चालू करने जा रही है. वो इस पहल का स्वागत करते हैं. मगर किसानों को तसल्ली तब मिलेगी जब ये निर्णय धरातल पर दिखेगा. अब देखना ये है कि वर्षों से बन्द पड़ी छाता की शुगर मिल की चिमनियां कब धुंआ उगलना शुरू करेंगी.
First published: June 19, 2017
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