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अमित जानी की नव निर्माण सेना ने कश्मीरियों को उत्तर प्रदेश छोड़ने की दी धमकी, लगाए पोस्टर

HARISH SHARMA | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 21, 2017, 10:18 AM IST
अमित जानी की नव निर्माण सेना ने कश्मीरियों को उत्तर प्रदेश छोड़ने की दी धमकी, लगाए पोस्टर
मेरठ में नव निर्माण सेना ने लगाए विवादित पोस्टर
HARISH SHARMA | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 21, 2017, 10:18 AM IST
मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना ने कुछ विवादित पोस्टर लगाए हैं जिसमें कश्मीरियों को उत्तर प्रदेश छोड़ने की धमकी दी गई है.

पोस्टर्स में कहा गया है कि भारतीय सेना पर पथराव करने वाले कश्मीरियों का बहिष्कार किया जाता है और वह उत्तर प्रदेश छोड़कर चले जाएं, वरना...

बता दें कि पोस्टर्स पर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी का बड़ा सा फोटो भी है. अमित जानी हमेशा से ही सुर्खियों में बने रहने के लिए विवादित बयान देते रहे हैं. इससे पहले उन्होंने लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्ति तोड़ी थी.

अमित जानी ने समाजवादी पार्टी भी ज्वाइन की थी, लेकिन बाद में पार्टी छोड़ दी थी. अब उन्होंने कश्मीरियों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है.

इस मामले में दरोगा विपिन की तहरीर पर अमित जानी के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है.

नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि पिछले लम्बे समय से सेना के जवानों पर कश्मीरी पत्थरबाज़ी कर रहे हैं. कश्मीरी जहां भी रहते हैं वहां गंदगी फैलाते हैं.  ये देश के गद्दार हैं, इन्हे देश में रहने का हक़ नहीं. जानी ने कहा “उत्तर प्रदेश से कश्मीरी नहीं जायेंगे तो हम जबरन उन्हें यहां से भगाएंगे.”

जानी ने कहा उत्तर प्रदेश में जम्मू एंड कश्मीर बैंक को भी नहीं चलने दिया जाएगा. इन्हें हम आर्थिक रूप से कमज़ोर करेंगे.  जितने भी स्कूल और कॉलेजों में कश्मीरी छात्र पढ़ रहे हैं उनके प्रधानाचार्य से मिलकर उनके नाम कटवाए जाएं. एक भी कश्मीरी छात्र उत्तर प्रदेश में ना मिले.

वहीं उन्होंने जम्मू और कश्मीर बैंक पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जितनी भी ब्रांच जम्मू और कश्मीर बैंक की है सभी पर ताला लगवाएंगे. उन्होंने अपने सभी पदाधिकारियों से कहा कि ना तो कश्मीरियों को कोई कमरा किराए पर दे. जानी ने कहा कि अगर इसके लिए उन्हें कानून तोड़ना पड़े तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे.
First published: April 21, 2017
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