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व्हॉट्सऐप से फैली अफवाह तो ग्रुप एडमिन पर भी एफआईआर, ये रहा आदेश

News18Hindi
Updated: April 20, 2017, 10:50 PM IST
व्हॉट्सऐप से फैली अफवाह तो ग्रुप एडमिन पर भी एफआईआर, ये रहा आदेश
वाराणसी डीएम और एसएसपी द्वारा जारी किया गया संयुक्त आदेश.
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Updated: April 20, 2017, 10:50 PM IST
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप ग्रुप्स पर भ्रामक खबरें फैलाने और अफवाहों पर लगाम कसने के लिए तैयारी कर ली है. इसी क्रम में वाराणसी के डीएम और एसएसपी ने एक संयुक्त आदेश जारी कर हिदायत दी है कि सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप पर ग्रुप चलाने वाले एडमिन सचेत रहें.

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उनके ग्रुप में किसी भी भ्रामक, गलत तथ्यों से भरी या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ ही ग्रुप एडमिन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी.

वाराणसी के डीएम योगेश्वर राम मिश्रा और एसएसपी नितिन तिवारी द्वारा 19 अप्रैल को जारी आदेशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है अैर स्वतंत्रता के साथ ही जिम्मेदारी भी आवश्यक है.

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आमतौर पर सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर बने ग्रुप और अन्य नाम से बने ग्रुप में कभी ऐसे समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहे हैं, जिनकी सत्यता प्रमाणित नहीं है. ये मैसेज बिना पुष्टि के सीधे कट-पेस्ट या फॉरवर्ड किए जा रहे हैं.

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इन शब्दों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप, फेसबुक आदि के ग्रुप एडमिन एवं सदस्यों के लिए ये निर्देश दिए जाते हैं:

1. ग्रुप एडमिन वही बने, जो उस ग्रुप के लिए पूरी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का वहन करने में समर्थ हो.

2. अपने ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूरी तरह परिचित होने चाहिए.

3. ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा गलत बयानी, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाए, पोस्ट किए जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप एडमिन को तत्काल उसका खंडन कर उस सदस्य को ग्रुप से हटाना चाहिए.

4. अफवाह, भ्रामक तथ्य, सामाजिक समरसता के विरुद्ध तथ्य आदि पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सूचना देनी चाहिए, जिससे वैधानिक कार्रवाई हो सके.

5. ग्रुप एडमिन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जाएगा और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

6. दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट, साइबर क्राइम और आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.

7. किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है. ऐसे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फॉरवर्ड करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

8. इस संबंध में समय—समय पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा.
First published: April 20, 2017
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