भावुक हुए योगी आदित्यनाथ के माता-पिता, झूम उठा सीएम बने संन्यासी का गांव

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 20, 2017, 9:27 PM IST
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Updated: March 20, 2017, 9:27 PM IST
उत्तराखंड की शांत वादियों में पैदा हुए योगी आदित्यनाथ को यूपी विधानमंडल का नेता चुन लिया गया है. योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 21वें मुख्यामंत्री के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया. योगी के नाम का ऐलान होते ही उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल हो गया. गांव पंचूर के अजय से योगी आदित्यनाथ बनने तक के सफर पर उनके गांव से एक्सक्लूसिव रिर्पोट.

पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के पंचूर गांव में 5 जून 1972 को अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) का जन्म हुआ. पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में वनकर्मी थे और माता सावित्री देवी गृहणी थीं. सात भाई-बहनों में दूसरे क्रम के अजय सिंह (योगी आदित्यनाथ) में बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा नजर आने लगी थी.

बचपन से ही मेधावी छात्र रहे योगी आदित्यनाथ की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई. पिता के टिहरी वन विभाग में स्थानांतरण होने के बाद अजय सिंह ने टिहरी में पढाई की. हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से पूरी करने के बाद कोटद्वार में उच्च शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे. वहीं उनका संपर्क अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और संघ के स्वयंसेवकों से हुआ.

अजय सिंह छात्र जीवन में ही ओजस्वी भाषण देने में माहिर थे. गढ़वाल विश्वविद्यालय के कोटद्वार कॉलेज से गणित विषय में बीएससी की डिग्री ली. एक मौके पर भाषण देते समय 22 वर्ष के अजय सिंह बिष्ट गोरक्षापीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ की नजरों में आए. उन्होंने अजय सिंह की प्रतिभा पहचान ली और अपना शिष्य बना दिया.

22 वर्ष की आयु में पहाड़ की गोद में बसे यमकेश्वर के पंचूर गांव का अजय संन्यास ग्रहण कर योगी आदित्यनाथ बन गए. वही अजय देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में सीएम बन गए हैं. पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव में उनके सीएम बनने की खबर पहुंची तो गांव का माहौल जश्न में डूब गया.

योगी आदित्यनाथ के पैतृक घर में उनके माता-पिता और परिवारजनों को बधाई देने वालों का तांता लग गया. गांव में जश्न के माहौल के बीच ढोल की थाप पर ग्रामीण जमकर थिरके. वहीं एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की.

Image Source: ANI
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परिवार के साथ ही गांव के लोगों को खुशी है कि छोटे से गांव से निकलकर योगी ने गांव का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा दिया. वही मां-बाप की आखों से खुशी के चलते नींद गायब है. वर्षों पहले योगी के संन्यास लेते समय मिले दुख के बाद अब खूशी के आंसू छलक रहें हैं.

ईटीवी की टीम सबसे पहले योगी के गांव पहुंची और परिवारजनों से बातचीत की. संन्यास ग्रहण करने के बाद भले ही योगी आदित्यनाथ ने परिवार की तरफ पलटकर न देखा हो, लेकिन यमकेश्वर के छोटे से गांव में रहने वाले मां-बाप की आंखों में बेटे से दूर होने का दर्द और बेटे की कामयाबी की खूशी साफ झलकती है.
First published: March 20, 2017
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